
Rajnandgaon Government Quarters: राजनांदगांव जिला अस्पताल से स्थानांतरण के बाद भी शासकीय आवास खाली नहीं करने वाले 13 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। अनुविभागीय अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी, लोक परिसर बेदखली की ओर से सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोक परिसर बेदखली अधिनियम 1974 एवं सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिला अस्पताल परिसर में अलग-अलग श्रेणी के कुल 134 शासकीय आवास हैं। इनमें 24 आवास जर्जर हो चुके हैं, जबकि 82 आवासों में अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी निवासरत हैं। 13 अधिकारी-कर्मचारी ऐसे हैं, जो स्थानांतरण के बाद भी आवास खाली नहीं कर रहे हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेंड्री जा चुके भृत्य और वाहन चालक भी शामिल हैं। वहीं कुछ डॉक्टरों का अन्य जिलों में स्थानांतरण हो चुका है।
इन कर्मचारियों को 16 जून 2026 को जीवनदीप कार्यकारिणी समिति की बैठक में भी आवास खाली कराने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। प्रशासन की ओर से अब सभी संबंधितों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा गया है।
मामले में यह भी आरोप है कि कुछ कर्मचारी शासकीय आवास स्वयं उपयोग करने के बजाय अन्य लोगों को देकर किराया वसूल रहे हैं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस पाने वालों में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक धृतलहरे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. यामिनी भेडिया, चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र नरेटी, अर्थो विशेषज्ञ डॉ. सुभाष रावटे, डॉ. अनिल चंद्रा, स्टाफ नर्स रीना अनिल, लैब टेक्नीशियन नरेंद्र वर्मा, सहायक ग्रेड-3 गायत्री सोनी, स्टाफ नर्स शिप्रा शिवानी, स्टाफ नर्स रिमोना जोसेफ, भृत्य धीरज चमन और वाहन चालक शैलेंद्र यादव शामिल हैं।