
Rajnandgaon Sand Mines: राजनांदगांव जिले में रेत की उपलब्धता बढ़ाने और अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में 15 अक्टूबर 2026 से रेत घाटों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में शुरू की गई चार नई रेत खदानों में भी वैधानिक रूप से रेत खनन की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन का मानना है कि वैध स्रोतों से रेत उपलब्ध होने के बाद अवैध उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
रेत घाटों और नई खदानों के व्यवस्थित संचालन से जिले में स्थानीय स्तर पर रेत की उपलब्धता बढऩे की संभावना है। इससे भवन निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए आवश्यक रेत आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। अभी कई बार स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रेत नहीं मिलने के कारण दूसरे जिलों से रेत मंगानी पड़ती है। इससे परिवहन लागत बढ़ती है और इसका असर निर्माण कार्यों की लागत पर भी पड़ता है। नई खदानों के शुरू होने से जिले में रेत की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर उपलब्धता बढ़ने से दूसरे जिलों से रेत मंगाने पर होने वाले अतिरिक्त परिवहन खर्च को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
रेत घाटों के वैधानिक संचालन का एक बड़ा उद्देश्य अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाना भी है। प्रशासन के अनुसार जब नागरिकों और निर्माण एजेंसियों को वैधानिक स्रोतों से रेत आसानी से उपलब्ध होगी, तो अवैध रूप से निकाली गई रेत की मांग कम होने की संभावना है। इससे अवैध रेत कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। प्रशासन की ओर से अवैध उत्खनन एवं परिवहन की गतिविधियों पर निगरानी जारी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर रेत की उपलब्धता बढऩे से जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है। निजी निर्माण कार्यों के लिए भी रेत आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने को नियंत्रित करने में सहायता मिलने की संभावना है। 15 अक्टूबर से रेत घाटों के संचालन के साथ चार नई खदानों में खनन शुरू होना जिले की रेत आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम है।