
Rajnandgaon Municipal Corporation: राजनांदगांव नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक में अमृत मिशन से जुड़े मामले को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। बात बढ़ने के बाद विपक्षी पार्षदों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। अमृत मिशन से जुड़े विषय को लेकर विपक्ष ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई और सदन में चर्चा के दौरान सवाल उठाए।
नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक में अलग-अलग विकास कार्यों और प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी। बैठक के एजेंडे में अमृत मिशन के तहत वार्ड क्रमांक 23 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में निर्मित गार्डन के नामकरण का विषय भी शामिल था। इसके अलावा शहर में विभिन्न विकास कार्यों, दुकानों के पुनर्निर्माण, नाला निर्माण और अन्य प्रस्तावों पर चर्चा प्रस्तावित थी।
सामान्य सभा में अमृत मिशन से जुड़े मामले पर चर्चा शुरू होने के बाद विपक्षी पार्षदों ने सवाल उठाए। विपक्ष की ओर से मामले को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई। चर्चा के दौरान माहौल गर्म हो गया और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। अमृत मिशन के मुद्दे पर विपक्षी पार्षदों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और संबंधित विषय को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना था कि इस मामले में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और सदन में सभी पहलुओं पर चर्चा होनी चाहिए। इसी दौरान पक्ष-विपक्ष के बीच बहस बढ़ गई।
सदन में मामला शांत नहीं होने के बाद विपक्षी पार्षदों ने बैठक से बहिर्गमन करने का निर्णय लिया। विपक्ष के पार्षद सदन से बाहर निकल गए। इसके बाद कुछ समय के लिए सामान्य सभा की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक माहौल गरम रहा। नगर निगम की ओर से जारी जानकारी के अनुसार सामान्य सभा की बैठक में कुल आठ विषयों पर चर्चा और निर्णय प्रस्तावित था। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन के आवेदनों की स्वीकृति, जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा विषय, विभिन्न स्थानों के नामकरण, यूनिपोल लगाने के लिए निविदा, दुकानों के पुनर्निर्माण और नाला निर्माण से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे।
सामान्य सभा के एजेंडे में लखोली-कन्हारपुरी से मोहारा बायपास तक नाला निर्माण के लिए 208.32 लाख रुपये की निविदा की पुष्टि और अनुमोदन का प्रस्ताव भी शामिल था। वहीं रेवाडीह चौक से गोकुल नगर तक नाला निर्माण के लिए 250 लाख रुपये की निविदा से संबंधित प्रस्ताव रखा गया था। सामान्य सभा में अमृत मिशन को लेकर हुए हंगामे और विपक्ष के बहिर्गमन के बाद यह मुद्दा नगर निगम की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों और आपत्तियों को लेकर आगे भी सदन में चर्चा होने की संभावना है। वहीं नगर निगम के अन्य विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सामान्य सभा में विचार-विमर्श किया गया।