Constable Bribe Video: राजनांदगांव जिले के घुमका थाना क्षेत्र से सामने आए वायरल वीडियो में डायल 112 वाहन में बैठे एक आरक्षक पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है।
Constable Bribe Video: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला से सामने आया एक और वायरल वीडियो पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यह मामला डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घुमका थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चारभाटा का बताया जा रहा है, जहां डायल 112 की गाड़ी में बैठे एक पुलिसकर्मी पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पुलिस वाहन के अंदर मौजूद एक जवान किसी व्यक्ति से नकद राशि लेते हुए नजर आ रहा है। यह दृश्य न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि कानून-व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। खासकर इसलिए क्योंकि यह घटना किसी सामान्य वाहन में नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवा “डायल 112” के भीतर की बताई जा रही है—जिसे जनता की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए बनाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला एक किसान के खेत में लगे बबूल के पेड़ों की कटाई से जुड़ा है। आरोप है कि लकड़ी ठेकेदार से कार्रवाई न करने के बदले पैसे की मांग की गई। इस पूरे प्रकरण में दिनेश पटेल नामक आरक्षक पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जो घुमका थाने में पदस्थ बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल चुका है और लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर रहा है।
हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस विभाग की ओर से भी कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। ऐसे मामलों में अक्सर जांच के बाद ही सच्चाई सामने आती है, लेकिन फिलहाल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
जिले की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा अपनी सख्त छवि और “जीरो टॉलरेंस” नीति के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में इस तरह के लगातार सामने आ रहे वीडियो पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जनता के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि अगर कानून के रखवाले ही इस तरह के आरोपों में घिरेंगे, तो आम नागरिक न्याय और सुरक्षा के लिए किस पर भरोसा करेगा।
यह घटना केवल एक व्यक्ति या एक थाना तक सीमित नहीं रह जाती, बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बहस छेड़ देती है। सोशल मीडिया पर लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।