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राजसमंद : बेटे का एडमिशन कराने जा रहे शिक्षक की सड़क हादसे में मौत, बेटे की हालत नाजुक

टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर दूर जाकर गिर पड़े। हादसे में कालूलाल टेलर को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनका बेटा नारायण टेलर गंभीर रूप से घायल हो गया।
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Mar 31, 2026
Teacher death
मृतक कालूलाल टेलर (फाइल फोटो-पत्रिका)


राजसमंद। जिले के चारभुजा कस्बे में सोमवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में सरकारी शिक्षक की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मोटरसाइकिल पर सवार बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया और कस्बे में आधे दिन तक बाजार बंद रहे।

जानकारी के अनुसार कालूलाल टेलर चारभुजा कस्बे के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बोरड में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। सोमवार को वे अपने बेटे नारायण टेलर को 12वीं कक्षा में प्रवेश दिलाने के लिए नाथद्वारा स्थित एक निजी संस्थान में जा रहे थे। पिता-पुत्र मोटरसाइकिल से चारभुजा से नाथद्वारा की ओर रवाना हुए थे।

मौके पर ही शिक्षक की हुई मौत

रास्ते में गुंजोल कट के पास पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर दूर जाकर गिर पड़े। हादसे में कालूलाल टेलर को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनका बेटा नारायण टेलर गंभीर रूप से घायल हो गया।

ऑपरेशन के बाद भी होश में नहीं आया बेटा

घायल नारायण को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे अनंता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सिर का ऑपरेशन किया है। फिलहाल वह होश में नहीं आया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

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सामाजिक गतिविधियों में होते थे शामिल

कालूलाल टेलर अपने क्षेत्र में एक समर्पित शिक्षक के रूप में जाने जाते थे। शिक्षा के साथ-साथ वे सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे। बताया जा रहा है कि हादसे से एक दिन पहले ही उन्होंने पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज द्वारा आयोजित ध्वजा समारोह में भाग लिया था और समाज के लोगों के लिए स्नेह भोज का आयोजन भी करवाया था।

इलाके में पसरा सन्नाटा

इस अचानक हुई घटना से पूरे कस्बे में गहरा शोक फैल गया। कालूलाल टेलर का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, परिजन और परिचित शामिल हुए। घटना के बाद चारभुजा कस्बे में शोक के कारण आधे दिन तक बाजार बंद रहे और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहा।

Updated on:
31 Mar 2026 05:42 pm
Published on:
31 Mar 2026 05:42 pm