शहर में अमृत-2 फेज में 22 करोड़ की लागत से एसटीपी बनाने, क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को बदला जाएगा। साथ ही उच्च जलाशय और भू-तल जलाशय का निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही टेण्डर प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
राजसमंद. शहरवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। जिन क्षेत्रों में पानी का प्रेशर कम आता है और पाइप लाइन में लीकेज हो जाता है उन स्थानों पर जल्द ही पाइप लाइन बदली जाएगी। प्रेशर बढ़ाने के लिए उच्च और भू-तल जलाशय का निर्माण करवाया जाएगा। इस पर करीब 22 करोड़ खर्च होंगे। जलदाय विभाग की ओर से जल्द ही इसके लिए टेण्डर अपलोड किए जाएंगे। दिसम्बर के प्रथम सप्ताह तक काम शुरू होने की उम्मीद है। शहरी क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। कई नई कॉलोनिया विकसित हो रही है, तो कहीं पर विकसित हो चुकी है। ऐसे में पाइप लाइन के अभाव में पानी नहीं पहुंच रहा है। कुछ स्थानों पर पानी का प्रेशर कम आने की समस्या है। इन समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने अमृत-2 फेज में 22 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए है। इसके तहत 2056 को आधार बनाकर योजना तैयार की गई है। इसमें जहां पर आवश्यक होगा वहां पर पाइप लाइन बदलने, कुछ जगह नई पाइप लाइन बिछाने, उच्च जलाशय, दो भू-तल जलाशय का निर्माण और मुख्य पाइप लाइन को भी बदला जाएगा। इसके लिए जलदाय विभाग को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल गई है। अगले माह टेण्डर अपलोड किए जाएंगे। इसके पश्चात जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा। इससे आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
शहरी क्षेत्र में राजसमंद झील से पानी की सप्लाई होती है। वर्तमान में 48 घंटे में पानी की सप्लाई की जा रही है। शहरी क्षेत्र में करीब 16-17 हजार कनेक्शन है। प्रतिदिन 15 से 16 एमएलडी पानी की सप्लाई की जाती है। सर्दी में पानी की डिमांड कम और गर्मी में बढ़ जाती है। झील में 700 एमसीएफटी पानी को पेजयल के लिए सुरक्षित रखा जाता है। वर्तमान में झील का जलस्तर 23 फीट से अधिक पहुंच गया है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का तुलसी साधना शिखर पर दो एसटीपी बने हुए हैं। इसमें एक एसटीपी का निर्माण 1992 में हुआ था, वह काफी पुराना हो गया है। इसके पास ही नया एसटीपी बना हुआ है। इसकी क्षमता 15 एमएलडी है, जबकि इससे वर्तमान में 16-17 एमएलडी पानी शुद्ध करवाया जा रहा है। ऐसे में इसके पास पुराना एसटीपी बना हुआ है। उसकी जगह 7 एमएलडी का एसटीपी का निर्माण करवाया जाएगा। इससे इसकी क्षमता 22 एमएलडी तक हो जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को साफ और शुद्ध पीने का पानी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
शहरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अमृत फेज-2 में 22 करोड़ की लागत के कार्य करवाए जाएंगे। इसके लिए वित्त विभाग की स्वीकृति मिल चुकी है, अब जल्द ही टेण्डर आमंत्रित किए जाएंगे। ऐसे में दिम्बर माह के प्रथम सप्ताह तक काम शुरू होने की उम्मीद है।