
Rajsamand : राजसमंद के देवगढ़ सड़क हादसे में अस्पताल कर्मचारी की मौत और लाठीचार्ज मामले में भीम विधायक और पूर्व विधायक आमने-सामने हो गए हैं। स्तुति हॉस्पिटल के राजू सिंह के परिवार को सांत्वना देने भीम विधायक हरिसिंह रावत लाखागुड़ा पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक पर राजनीति करने का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि दुखद घटना पर मीडिया के सामने आरोप-प्रत्यारोप करना निम्न स्तर की राजनीति है। पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत के उन पर डंडा चलाने वाले को 10 लाख के इनाम घोषणा का जिक्र करते हुए विधायक हरिसिंह रावत ने कहा कि यदि पूर्व विधायक भीम क्षेत्र में गधा बनकर घूमते हैं तो मैं उन्हें एक करोड़ रुपए नकद दूंगा।
राजसमंद के भीम विधायक हरिसिंह रावत ने कहा कि भीम-देवगढ़ विधानसभा उनका परिवार है और वे हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने पीड़ित परिवार की कानूनी एवं प्रशासनिक सहायता के लिए देवगढ़ एसडीएम, तहसीलदार और ईओ को भी साथ लाकर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए मौके पर 2 लाख रुपए नकद सहायता दी। साथ ही स्तुति हॉस्पिटल के संचालक देवगढ़ के माध्यम से भी दो लाख रुपए की आर्थिक मदद पीड़ित परिवार को दिलवाई।
भीम विधायक हरिसिंह रावत ने देवगढ़ थाना अधिकारी से बातचीत कर निर्दोष लोगों को केस से बाहर रखने तथा किसी भी महिला की गिरफ्तारी नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति जेल नहीं जाएगा। महिलाओं को भी परेशान नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर अमर सिंह, नारायण सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य हीरा कंवर, सरपंच बसंता देवी, आशा देवी, किशोर सिंह, भगवान सिंह, प्रकाश सिंह, किशन गुर्जर, कैलाश गर्ग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सड़क हादसे में निजी अस्पताल कर्मचारी लाखागुड़ा निवासी राजू सिंह (27 वर्ष) शुक्रवार रात सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। देर रात उसकी मौत के बाद शनिवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के समझाने के प्रयास के दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिस दल पर पथराव कर दिया।
अचानक हुए पथराव में एक कॉन्स्टेबल के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि देवगढ़ थाना प्रभारी की गाड़ी सहित पुलिस के दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारी मौके से हटे। उपद्रव और पथराव के मामले में 12 लोगों को डिटेन किया गया है। घायल कॉन्स्टेबल का उपचार कराया गया है। मृतक निजी अस्पताल में सफाई कर्मचारी था।