सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खान ने कहा कि यह एक पूरा तमाशा चल रहा है। रामपुर में तीन साल पहले की भैंस चोरी, मुर्गी और बकरी चोरी के तमाम मुदकमें आजम खान और मेरे परिवार पर लगाए गए।
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। उनपर एक बार फिर केस दर्ज किया गया है। जिससे नाराज उनके बेटे और सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खान ने रामपुर के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ला से मुलाकात की। वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान अब्दुल्ला आजम ने बेहद नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह एक पूरा तमाशा चल रहा है। रामपुर में तीन साल पहले की भैंस चोरी, मुर्गी और बकरी चोरी के तमाम मुदकमें आजम खान और मेरे परिवार पर लगाए गए। जिनका ट्रायल चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज एक खबर चल रही जिसमें एक वादी भैंस चोरी और बकरी चोरी में है। उन्होंने आजम खान और चार पांच लोगों के धमकाने के खिलाफ एकआईआर दर्ज कराई है।
ज्यूडिशरी सिस्टम का कोई मतलब नहीं
अब्दुल्ला आजम ने आगे कहा कि ज्यूडिशरी सिस्टम का कोई मतलब बचा ही नहीं है। पुलिस आती है और धमकाकर ले जाती है। फिर क्या मतलब रह जाता है मानवता, मानव और उसके अधिकारों का। उन्होंने कहा कि एक आदमी जो पिछले 20 दिन से हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है। अगर कानून बचा ही नहीं है तो बता दें कि कानून नहीं है। हमारा अंजाम क्या है यह भी बता दें। सब फैसला पुलिस ही कर दे या फैसला भैंस चोरी और बकरी चोरी के मुकदमे कराने वाले लोगों से ही करा दें।
सब सत्ता के दबाव में हो रहा
वहीं गवाह के बारे में पूछने पर अब्दुल्ला आजम ने कहा कि हम जानते तक नहीं, इसके पीछे वही लोग हो सकते हैं जिन्होंने 3 साल पहले हरकतें की थीं और चुनावों में लोगों ने उनको जवाब दिया था। रामपुर कप्तान अशोक कुमार शुक्ला से मिलने के मामले में अब्दुल्ला आजम ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि यह सब सत्ता के दबाव में हो रहा है। इस मंडल में एक अधिकारी हैं उन्हें बस एक परिवार की बहुत चिंता है। वे एक इस एजेंडे के साथ आए हैं कि इस परिवार को मिटा दो और इसीलिए उन्हें यहां गैरकानूनी तरीके से डेप्युटेशन पर रखा गया है। सारे नियमों को ताक पर रखकर वे यहां डेप्युटेशन पर हैं लेकिन कानून कहां बचा है। उन्होंने कहा उपचुनाव में क्या हुआ था यह सबको मालूम है।