समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान (Senior Samajwadi Party Leader Azam Khan) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आयकर विभाग ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Maulana Mohammad Ali Jauhar University) का संचालन करने वाले जौहर ट्रस्ट (Jauhar Trust) को 37 पन्नों का नोटिस जारी किया है। पूरी खबर पढ़िए…

Income Tax Send notice to Jauhar Trust: वरिष्ठ सपा नेता आजम खान एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आयकर विभाग-लखनऊ ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी संचालित करने वाले जौहर ट्रस्ट को 37 पन्नों का विस्तृत नोटिस जारी किया है। नोटिस में करीब 450 करोड़ रुपए के इनकम टैक्स के संबंध में जानकारी मांगी गई है।
आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट को आयकर अधिनियम की धारा 12AB और 12AA के तहत नोटिस जारी किया है। नोटिस में करीब 450 करोड़ रुपए के इनकम टैक्स के संबंध में जानकारी मांगी गई है। यदि ट्रस्ट संतोषजनक जवाब नहीं दे सका तो उसका पंजीकरण रद्द हो सकता है और यूनिवर्सिटी पर ताला लग सकता है। आयकर विभाग ने ट्रस्ट को नोटिस जारी करके 23 जून को सुबह 11:30 बजे सुनवाई के लिए तलब किया है।
आयकर विभाग ने नोटिस जारी करके स्पष्ट निर्देश दिया है कि जौहर ट्रस्ट की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि उपस्थित होकर विस्तृत जवाब दाखिल करें। नोटिस में वित्तीय लेनदेन, अनियमितताओं और ट्रस्ट की गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आयकर विभाग ने संकेत दिया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह कार्रवाई 2017 में रामपुर शहर विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर शुरू हुई थी। आकाश सक्सेना गड़बड़ी की शिकायत की थी।
नोटिस में ट्रस्ट पर कई गंभीर आरोपों और विसंगतियों का जिक्र है। विभाग ने विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दी गई अतिरिक्त भूमि के उपयोग, शर्तों के पालन, वार्षिक रिपोर्ट दाखिल न करने और हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लेख करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही ट्रस्ट परिसर में मस्जिद निर्माण को लेकर दी गई जानकारी और उपलब्ध रिकॉर्ड में विसंगतियों पर भी जवाब तलब किया गया है।
जौहर ट्रस्ट को जारी किए गए नोटिस में आयकर विभाग ने कुछ ट्रस्टियों को 'डमी' बताते हुए जांच रिपोर्टों का हवाला दिया है। नोटिस में आरोप है कि ट्रस्ट का वास्तविक संचालन आजम खान और उनके परिवार के नियंत्रण में है। यदि ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द होता है तो मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का भविष्य संकट में पड़ सकता है। आयकर विभाग की इस कार्रवाई से आजम खान और उनके परिवार से जुड़े संस्थानों पर दबाव बढ़ गया है।