
MP nadvi criticism azam khan in Rampur: रामपुर की राजनीति में गर्माहट बढ़ाने वाले बयानों के बीच समाजवादी पार्टी के रामपुर सांसद मौलाना मोहिबुल्ला नदवी ने पूर्व मंत्री आजम खान पर चुभते शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा कि “जैसा यहां एक्ट्रेस व पूर्व सांसद जया प्रदा को प्रताड़ित किया गया था, वैसा ही कुछ लोग मुझ पर आज़माने का ख्वाब देख रहे हैं। लेकिन याद रखिए, मैं रामपुर की जनता के समर्थन से यहां खड़ा हूं और किसी की ओछी तरीकों से डरूंगा नहीं।”
एक मीडिया हाउस से बातचीत में नदवी ने कहा कि जब आजम खान जेल में थे, तब वे उनके लिए लगातार दुआ करते रहे। रिहाई के बाद उन्होंने मिलने का संदेश भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। यहां तक कि उनके पुत्र अब्दुल्ला को भी संदेश भिजवाया, पर प्रतिक्रिया नहीं मिली। नदवी ने स्पष्ट किया कि दोनों लोग एक-दूसरे को जानते हैं और साथ में बैठकर खाना भी खा चुके हैं।
नदवी ने कहा कि आजम खान के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है कि एक मस्जिद का इमाम रामपुर का सांसद कैसे बना। उन्होंने कहा कि उनके बुजुर्ग कई सौ साल पहले यहां आकर बसे थे और स्थानीय लोग उन्हें भली भांति पहचानते हैं।
नदवी ने बिना सीधे नाम लिए कुछ लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिनकी जड़ें रामपुर की नहीं हैं, वे धमकियों और ओछी हरकतों से माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तरीके ठीक नहीं हैं और उम्र व जिम्मेदारी के हिसाब से इसे शर्मनाक कहा।
नदवी ने माना कि आजम खान बड़े नेता हैं और उनके अंदर कई खूबियां हैं, जैसे यूनिवर्सिटी का निर्माण। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी ने हर मुद्दे पर उनकी मदद की और अब भी कर रही है। उन्होंने खुद को पार्टी का 'छोटा सिपाही' और रामपुर व मस्जिद का 'खादिम' बताया।
अखिलेश यादव पर बात करते हुए नदवी ने उनके व्यवहार की सराहना की। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने कई मौकों पर सांसदों और आम जनता का सम्मान किया है। उन्होंने ऐतिहासिक प्रसंगों का हवाला देते हुए बताया कि लोकतांत्रिक संस्कृति में जनता ही राजा होती है, वही ताज पहनाती है और वही उतार देती है।
नदवी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक कुछ लोगों ने रामपुर की नुमाइंदगी की, पर एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं बनवा सके। उन्होंने बताया कि आज भी 20 लाख आबादी वाले जिले में बड़े इलाज के लिए लोग बाहर जाते हैं। रामपुर का रेवेन्यू घट गया है, उद्योग बंद हो गए हैं और उर्दू भाषा व मदरसा गतिविधियां ठप हो चुकी हैं।
नदवी ने बताया कि संसद में वक्फ से जुड़े धार्मिक मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष ने उन्हें बोलने का अवसर दिया। जेपीसी में शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात रही। स्पीकर ओम बिरला ने भी उनके भाषण की सराहना की थी।
बातचीत के अंत में नदवी ने माना कि आजम खान बड़े नेता हैं और उनकी यूनिवर्सिटी का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने दुआ की कि यह यूनिवर्सिटी बेहतर चले और जिले के विकास में योगदान दे।