रामपुर

चलती एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, रामपुर में ईएमटी की सूझबूझ से सुरक्षित हुआ प्रसव, मां-बच्चा दोनों स्वस्थ

Rampur News: रामपुर में 108 एंबुलेंस सेवा की तत्परता और ईएमटी की सूझबूझ से चलती एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव हुआ। समय पर मिली मदद से मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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Jun 27, 2026
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रामपुर में एंबुलेंस में महिला का प्रसव हुआ (फोटो- पत्रिका)

Safe Delivery in Ambulance:उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर में 108 एंबुलेंस सेवा की तत्परता और मानवीयता का उदाहरण सामने आया है। गांव जगतनाथपुर निवासी पिंकी पत्नी प्रेम सिंह को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बिना देर किए 108 एंबुलेंस को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस सेवा तुरंत मौके के लिए रवाना हो गई। एंबुलेंस समय पर मौके पर पहुंची और गर्भवती महिला को प्राथमिक देखभाल देते हुए अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान रास्ते में ही महिला का प्रसव हो गया।

चलती एंबुलेंस में ईएमटी ने संभाली डिलीवरी की जिम्मेदारी

अस्पताल पहुंचने से पहले ही स्थिति गंभीर हो गई, जिसके बाद एंबुलेंस में तैनात ईएमटी सचिन कुमार ने अपने अनुभव और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए एंबुलेंस को अस्थायी प्रसव कक्ष में बदल दिया। सचिन कुमार ने बिना घबराए सभी आवश्यक मेडिकल सावधानियों के साथ सुरक्षित प्रसव कराया। उनकी सूझबूझ और तत्परता से महिला ने स्वस्थ नवजात को जन्म दिया।

प्रसव के बाद मां और नवजात की देखभाल

सफल प्रसव के तुरंत बाद ईएमटी सचिन कुमार ने मां और नवजात दोनों को प्राथमिक उपचार दिया। उन्होंने लगातार दोनों की स्थिति पर नजर बनाए रखी और सुनिश्चित किया कि किसी प्रकार की जटिलता उत्पन्न न हो। एंबुलेंस में मौजूद अन्य स्टाफ ने भी सहयोग करते हुए पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाया।

मां-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ

प्रसव के बाद मां और नवजात को सुरक्षित रूप से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की आपातकालीन सेवाओं की उपयोगिता को एक बार फिर उजागर किया।

परिजनों और स्थानीय लोगों ने जताया आभार

परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा और ईएमटी सचिन कुमार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचती और प्रशिक्षित ईएमटी मौजूद नहीं होता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना को सेवा, साहस और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

Published on:
27 Jun 2026 04:24 pm