रामपुर

Jauhar University पर बुलडोजर: शशि थरूर बोले- सरकार कब्जे में लेकर चलाए, SP ने कहा- हम सत्याग्रह करेंगे

Jauhar University Controversy: जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के आदेश पर शशि थरूर ने कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि सपा के प्रदेश सचिव फिरासत हुसैन गामा ने यूनिवर्सिटी बचाने के लिए सत्याग्रह करने का ऐलान किया।
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Jul 22, 2026
Shahsi Tharoor
कांग्रेस सांसद शशि थरूर (ANI)

Shashi Tharoor On Jauhar University: रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश के बाद अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी इस मामले में खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि यदि निर्माण अवैध था तो सरकार कोई दूसरा दंड दे सकती है या विश्वविद्यालय को अपने नियंत्रण में लेकर चला सकती है, लेकिन एक सक्रिय शिक्षण संस्थान को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। इस बीच सपा और अधिवक्ताओं का विरोध भी तेज हो गया है।

'जुर्माना लगाते, सजा देते, लेकिन इमारतें तोड़ना उचित नहीं'

सांसद शशि थरूर ने जौहर यूनिवर्सिटी की इमारत को गिराने के आदेश को लेकर उन्होंने एक्स पर लिखा, 'उच्च शिक्षा के अच्छे संस्थानों की कमी से जूझ रहे राज्य में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को गिराने का फैसला सही नहीं है। थरूर ने आगे लिखा कि यदि निर्माण अवैध था तो कोई और दंड दिया जाए। जुर्माना लगाइए, सजा दीजिए या फिर सरकार इसे अपने नियंत्रण में ले ले। लेकिन उत्तर प्रदेश के लिए जरूरी एक सक्रिय विश्वविद्यालय को नष्ट न किया जाए।

अखिलेश यादव ने बनाई 28 सदस्यीय टीम

रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को अवैध बताते हुए उन्हें गिराने का नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद अखिलेश यादव विश्वविद्यालय को बचाने के लिए 28 सदस्यीय टीम बना चुके हैं। वहीं, यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी सत्याग्रह की तैयारी कर रही है और अधिवक्ताओं ने भी राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध किया है।

यूनिवर्सिटी बचाने के लिए सत्याग्रह की तैयारी

समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव फिरासत हुसैन गामा ने जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। उन्होंने विश्वविद्यालय गेट के एक किनारे शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने की अनुमति मांगी है। पत्र में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी में हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं और उनके भविष्य की रक्षा करना समाज की जिम्मेदारी है। संविधान के तहत शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह करने की अनुमति देने का भी अनुरोध किया गया है।

आनंद कुमार कटारिया ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के नोटिस के खिलाफ बार एसोसिएशन और लॉयर्स वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व महासचिव शिखुमार गुप्ता के नेतृत्व में अधिवक्ता जुलूस निकालते हुए उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम आनंद कुमार कटारिया को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां करीब पांच हजार छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय की स्थापना साल 2006 में हुई थी, जबकि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) का गठन 2024 में हुआ।

Updated on:
22 Jul 2026 03:37 pm
Published on:
22 Jul 2026 03:36 pm