शहर में नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों की स्पीच हुई। यह आयोजन मंगलवार रात को शहर के अशोक नगर में चल रहे CAA व NRC सहित NPA के विरोध में धरने के 30वें दिन हुई। इसके बाद शहर में बुधवार को अलर्ट मोड में पुलिस प्रशासन आ गया व वाहनों से एसपी गौरव तिवारी के नेतृत्व में फ्लैगमार्च किया।
रतलाम। शहर में नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों की स्पीच हुई। यह आयोजन मंगलवार रात को शहर के अशोक नगर में चल रहे CAA व NRC सहित NPA के विरोध में धरने के 30वें दिन हुई। इसके बाद शहर में बुधवार को अलर्ट मोड में पुलिस प्रशासन आ गया व वाहनों से एसपी गौरव तिवारी के नेतृत्व में फ्लैगमार्च किया। इसके कई मायने निकाले जा रहे है।
मंगलवार की रात को अशोक नगर में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के दो छात्र क्रमश: वसीम खान व मोहम्मद जुबेर आए थे। जुबेर ने पहले स्पीच दी। इसमे कहा कि दिल्ली में बैठी हुकूतम हम पर अपनी मर्जी थोप रही है। इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जो जरूरी हुआ वो किया जाएगा। जुबेर ने धरना आयोजन में बैठे लोगों को कहा कि जब सरकारी लोग आए तो उनको सहयोग मत करें, बल्कि उनसे उनके दस्तावेज मांगे जाए।
वसीम ने यह स्पीच
सर्वोच्च न्यायालय के अभिभाषक व जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के स्टूडेंट वसीम खान ने मार्मिक भाषण दिया। खान ने कहा कि अलीगढ़ में छोटे बच्चों को दूध की जरुरत पड़ी। उनके परिवार के लोग जब लेने गए तो गोली मार दी गई। दिल्ली मंे हमारे जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में पुलिस ने तोडफ़ोड़ की। इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खान ने लोगों से कहा कि हिंसा को हाथ में नहीं लेना है। हमारा प्रदर्शन इसी तरह से गांधी के तरीके से चलेगा। शांति वाले तरीके से किए गए प्रदर्शन का असर एक दिन जरूर होगा। सब्र रखेंगे तो कामयाबी मिलेगी।
इधर अलर्ट के साथ फ्लैग मार्च
इधर पुलिस ने बुधवार दोपहर को पुलिस कंट्रोल रूम से शहर में अलर्ट के संदेश के साथ फ्लैग मार्च वाहनों के साथ निकाला। इसमे पुलिस कप्तान गौरव तिवारी सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीएसपी व थाना प्रभारी आदि शामिल हुए। यह फ्लैग मार्च शहर के विभिन्न क्षेत्र से निकला। माना जा रहा है कि दिल्ली मंे हुई हिंसा के बाद पुलिस अलर्ट हुई है। इसी के चलते यह फ्लैग मार्च निकाला गया है।