रेलवे ने रतलाम सहित देशभर में परीक्षा के पेटर्न में बदलाव कर दिया है। नए पेटर्न को बदलाव करने के साथ ही लागू कर दिया है।
रतलाम। रेलवे में होने वाली परीक्षा के पेटर्न को बदल दिया गया है। इस बदलाव के आदेश के साथ ही इसको रतलाम रेल मंडल सहित देशभर में लागू कर दिया गया है। रेलवे की तरफ से यह दावा किया जा रहा है कि नए बदलाव से परीक्षा देने वालों को अधिक लाभ होगा।
रेलवे के लेखा विभाग में होने वाली विभागीय पदोन्नती की परीक्षा के पेटर्न में बदलाव कर दिया गया है। बदलाव के आदेश रेलवे बोर्ड से मंडल को मिल गए है। इस बदलाव से मंडल सहित पश्ख्मि रेलवे में लेखा विभाग में काम करने वाले दो हजार से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा। पहली बार ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को परीक्षा में शामिल किया गया है। रेलवे बोर्ड के वित्त विभाग के निदेशक समीदा सिंह ने १८ नवंबर को इस मामले में आदेश जारी करते हुए परीक्षा के पेटर्न के बारे में विस्तार से लिखा है।
पहली बार ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न
पहली बार विभागीय परीक्षा के पेटर्न में बदलाव करते हुए ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को हल करने की सुविधा रेल कर्मचारियों को इस विभाग में मिली है। इसके पूर्व रेलवे में ही अन्य शाखा में जब विभागीय पदोन्नती की परीक्षा होती थी तो ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को पूछा जाता था, लेकिन वित्त विभाग ने पहली बार लेखा विभाग को भी इसके लिए मंजूरी दी है। लेखा विभाग के गु्रप सी व गु्रप डी के कर्मचारी अब विभागीय परीक्षा में पदोन्नती के लिए १०० नंबर के होने वाले ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को हल कर सकेंगे।
इस तरह का होगा अब पेपर
ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पत्र 100 नंबर के होंगे, जबकि अपेंडिस टू विभागीय पदोन्नति परीक्षा में इसका प्रतिशत 20 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न होंगे। इससे वे कर्मचारी लाभान्वित होंगे जो सैद्धांतिक प्रश्नों का हल नहीं कर पाते थे वह अब ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नपत्र होने से रोजमर्रा की दिनचर्या में होने वाली जानकारी एवं कार्य के दौरान उपयोग किए जाने वाले प्रश्नों का उत्तर दे सकेंगे। सभी को होगा इससे लाभ आमतोर पर कई बार कर्मचारी सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हल नहीं कर पाता, जबकि ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को आसानी से हल कर पाता है।
आदेश आ गए है
नए निर्णय तुरंत अमल में आ गए है। मंडल को यह आदेश मिल गया है। भविष्य में होने वाली विभागीय पदोन्नती की परीक्षा में नए तरीके से ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को दिया जाएगा।
- प्रकाश व्यास, महामंत्री, ऑल इंडिया रेलवे अकाउंट्स स्टाफ एसोसिएशन, पश्चिम रेलवे