रतलाम

21 करोड़ की साइबर ठगी का ‘एकाउंट हैंडलर’ इंजीनियर गिरफ्तार

जिंप सदस्य के साथ मिलकर एमपी से बिहार तक बिछाया नेटवर्क, ठगी की रकम क्रिप्टो में बदलकर सरगनाओं तक पहुंचाता था
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Aug 07, 2026
Cyber Fraud
Cyber Fraud (जावरा में कपड़ा व्यापारी से 50 हजार की साइबर ठगी Photo Source- Patrika)

रतलाम/ग्वालियर। चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से 21.05 करोड़ रुपए की साइबर ठगी मामले में राज्य साइबर सेल को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने रतलाम निवासी मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा (31) को गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया कि वह शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय और साइबर ठगी के सरगनाओं के बीच अहम कड़ी था। वह ठगी की रकम को बैंक खातों से निकालकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का काम करता था और इसके बदले दो प्रतिशत कमीशन लेता था।

गैराज खोलने के लिए जुड़ा साइबर गैंग से

पूछताछ में अंकित ने बताया कि उसने बीई (मैकेनिकल) की पढ़ाई की है। गैराज खोलने के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए साइबर ठगों के संपर्क में आ गया। बाद में गिरोह ने उसे उत्तर भारत में ठगी से जुड़े बैंक खातों को ऑपरेट करने की जिम्मेदारी सौंप दी।

जिंप सदस्य के खाते से चलता था खेल

पुलिस के अनुसार अंकित ने ही जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय का संपर्क साइबर ठगों से कराया था। जगदीश की संस्था के करंट एकाउंट की नेट बैंकिंग से जुडक़र वह खाते को ऑपरेट करता था। एपीके फाइल के जरिए मोबाइल और बैंक खाते की एक्सेस लेकर ठगी की रकम बिहार में ट्रांसफर करता और फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर गिरोह तक पहुंचाता था।

बिहार तक फैला था नेटवर्क

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने बिहार में भी मजबूत नेटवर्क तैयार कर रखा था। शाजापुर और रतलाम के दो अन्य सहयोगियों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

फोन फॉर्मेट कर ससुराल में छिपा था

जिला पंचायत सदस्य की गिरफ्तारी के बाद अंकित को अंदेशा हो गया था कि पुलिस उसके पीछे पहुंचेगी। उसने मोबाइल का पूरा डाटा फॉर्मेट कर दिया और सागर स्थित ससुराल में जाकर छिप गया। पुलिस ने वहीं से उसे गिरफ्तार किया।

डाटा रिकवर कर रही साइबर सेल

राज्य साइबर सेल अब आरोपी के मोबाइल का डिलीट डाटा रिकवर करा रही है। पुलिस को आशंका है कि उससे कई अन्य साइबर ठगी के मामलों के अहम सुराग मिल सकते हैं।

अधिकारी बोले

डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी साइबर ठगी के नेटवर्क का एकाउंट हैंडलर था। उसने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। मोबाइल का डाटा रिकवर कराया जा रहा है और अन्य मामलों में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Updated on:
07 Aug 2026 11:01 pm
Published on:
07 Aug 2026 10:55 pm