पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल के इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेन में एक जुलाई से मसाज की सुविधा देने का निर्णय वापस ले लिया है। ये निर्णय रेलवे ने चौतरफा विरोध के बाद लिया है।
रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल के इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेन में एक जुलाई से मसाज की सुविधा देने का निर्णय वापस ले लिया है। ये निर्णय रेलवे ने चौतरफा विरोध के बाद लिया है। असल में यात्रियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी रेलवे के इस निर्णय का जमकर विरोध किया था। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी के बाद लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी रेलवे के इस निर्णय के विरोध में खड़ी हो गई थी।
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असल में पश्चिम रेलवे व डीआरएम रतलाम ने इसी माह घोषणा की थी चलती ट्रेन में यात्रियों को मसाज की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए 100 रुपए से लेकर 300 रुपए तक व्यय करना होंगे। रेलवे का दावा था कि इससे रेलवे को 20 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी व 90 हजार अतिरिक्त यात्री मिलेेंगे। लेकिन जब ये निर्णय सार्वजनिक हुआ, इसके बाद से इसका विरोध शुरू हो गया।
सबसे पहले यात्री ही बोले
जब मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर ने इसका ट्वीट किया तो सैकड़ों याात्रियों ने इसके विरोध में जवाब दिया। ये पहली बार हुआ कि मंडल के किसी ट्वीट पर 300 से अधिक कमेंट्स आए। इसमे यात्रियों ने पहले ट्रेन में बैठने की जगह दे दो, सफाई तो करवा लो आदि बोला। इतने विरोध के बाद जनप्रतिनिधि भी सामने आ गए।
इंदौर सांसद लालवानी ने इसके लिए रेलमंत्री को पत्र लिख दिया। इसके बाद लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने तो बड़ी बात बोलते हुए इसके लिए रेलमंत्री को पत्र तक लिख डाला। महाजन ने इसको भारतीय संस्कृति के खिलाफ कार्य करार दिया। इसके अलावा महाजन ने प्लेटफॉर्म पर भी मसाज पार्लर खोलने का विरोध किया। इसमे उन्होने कहा कि इससे महिलाएं असहज होगी। इस निर्णय को अब तक रेलवे मंत्रालय ने मंजूरी नहीं दी तो किस तरह लागू किया जा रहा है। महाजन व इंदौर सांसद लालवानी के इस पत्र के बाद हीे रेलवे ने अपने कदम वापस लिए।
बयान जारी किया
इसके बाद पश्चिम रेलवे ने शनिवार शाम को बयान जारी किया। इसमे इस बात का उल्लेख किया कि हेड व फुट की मसाज सुविधा ट्रेन में देने के निर्णय को रेलवे वापस लेती है। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए रेलवे दृढसंकल्पित है।