मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कन्यादान विवाह व निकाह योजना के नियम में बड़ा बदलाव कर दिया है। आए दिन लगने वाले फर्जीवाडे़ के आरोप से छूटकारा पाने के लिए सरकार ने रास्ता खोज निकाला है। अब इसमे सहभागिता के लिए परिवार के मुखिया के साथ दुल्हे व दुल्हन का आधारकार्ड देना अनिवार्य कर दिया गया है।
रतलाम। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कन्यादान विवाह व निकाह योजना के नियम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब नए नियम से ही हितग्राही को लाभ मिलेगा। इसका लाभ लेना अब फर्जीवाड़ा करने वालों के लिए आसान नहीं होगा। नए नियम में आधार कार्ड को तो जरूरी किया ही गया है, इसके अलावा अन्य दस्तावेज भी देने होंगे। आए दिन लगने वाले फर्जीवाडे़ के आरोप से छूटकारा पाने के लिए सरकार ने रास्ता खोज निकाला है। अब इसमे सहभागिता के लिए परिवार के मुखिया के साथ दुल्हे व दुल्हन का आधारकार्ड देना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, इसके अलावा योजना में ऑनलाइन पंजीयन भी कराया जा सकेगा। विवाह या निकाह होने के तीन दिन पूर्व तक पंजीयन की सुविधा दे दी गई है। जिले में इस योजना में करीब 700 से एक हजार हितग्राहियों को लाभ मिलता है।
जिले में पूर्व के वर्षो में हुए कन्यादान विवाह, निकाह योजना में फर्जीवाडे़ के आरोप लगे है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई भी की गई। अब इस प्रकार के गौरखधंधे करने वालों के लिए यह करना आसान नहीं होगा। क्योंकि सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह निकाह योजना के नियम में बदलाव कर दिया है। इस बदलाव के नियम का पालन करने पर ही योजना का लाभ मिल सकेगा। जिले की छह जनपद में ग्राम पंचायत स्तर तक इस योजना का लाभ दिया जाता है। इसके अलावा नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद इस कार्य में सहयोग करती है। इसके चलते ही जिले में प्रत्येक वर्ष करीब 700 से एक हजार हितग्राहियों को योजना का लाभ मिलता है।
पहले होगा परीक्षण
आधार कार्ड देने के बाद इसका परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण सही पाए जाने के बाद ही योजना में लाभ लेने की पात्रता होगी। सामाजिक न्याय व नि:शक्त विभाग ने बार बार लगने वाले आरोप के बाद ही योजना के नियम में बदलाव करते हुए आधार के साथ साथ ऑनलाइन पंजीयन को अनिवार्य किया है। विवाह के लिए दुल्हा व दुल्हन के आधार के साथ साथ समग्र आईडी, मोबाइल नंबर, बचत खाता नंबर, आयु प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया गया है। जहां आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज नगर निगम या जनपद में देना होंगे वही ऑनलाइन पंजीयन विवाह निकाह पोर्टल पर होगा। इसके लिए तीन दिन पूर्व तक ऑनलाइन पंजीयन कराया जा सकेगा।
आदेश का पालन करना होगा
शासन ने विवाह व निकाह योजना के नियम में बदलाव किया है। अब ऑनलाइन पंजीयन के साथ आधार कार्य सहित अन्य दस्तावेज जरूरी किए गए है।
- एसएस चौहान, उपसंचालक, सामाजिक न्याय विभाग