पटना से चलकर अहमदाबाद जा रही एक्सपे्रस ट्रेन के एसी कोच ए-1, डिब्बा नंबर 184661-सी के दो व्हील के ब्रेक रगडऩे से दोपहर को आग लग गई। आग लगने के बाद यात्रियों ने जंजीर खींच दी नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रतलाम। पटना से चलकर अहमदाबाद जा रही एक्सपे्रस ट्रेन के एसी कोच A-1, डिब्बा नंबर 184661-C के दो व्हील के ब्रेक रगडऩे से दोपहर को आग लग गई। आग का धुआं डिब्बों में गया तो हड़कंप मच गया। नागदा से ट्रेन के रवाना होते ही ब्हील से धुआं निकलने लगा तो यात्रियों ने बेड़ावन्या में जंजीर को खींचा। कर्मचारियों ने पहले एसी डिब्बे व बाद में पेंट्रीकार के पांच सीज फायर से आग पर काबू पाया। टे्रन के इस डिब्बे के बैठे 52 यात्रियों को अन्य डिब्बों में शिफ्ट किया गया। बाद में मौके पर रतलाम व नागदा से अधिकारी पहुंचे, स्थिति सामान्य होने पर ट्रेन को रवाना किया गया, रतलाम पहुंचने पर सीएनडब्ल्यू विभाग के अधिकारियों ने डिब्बे जांच की व इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
ट्रेन के इस डिब्बे में सवार यात्रियों के अनुसार नागदा से जब ट्रेन दोपहर करीब 2 बजे चली तो कुछ देर बाद धूआं अंदर की तरफ आने लगा। इसके बाद जब देखा तो नजर आया कि चलती ट्रेन में डिब्बे के आगे व पीछे के व्हील में से हल्की आग व धुआं है। इसके बाद ट्रेन की जंजीर खींची गई। ट्रेन के गार्ड व इंजन चालक ने रेलवे नियंत्रण कक्ष में मामले की सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने व्हील में सुधार कार्य किया और ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
रतलाम से गए तकनीकी विशेषज्ञ
रतलाम से तकनीकी विशेषज्ञों को मौके पर भेजा गया। रेलवे के सीएमआई संजय वशिष्ट, नागदा के यातायात निरीक्षक आरएन मीणा ने पांच अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाया। सीएनडब्ल्यू विभाग के एसएससी आलोक कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों का दल भी घटना स्थल पर पहुंचा। इसके बाद ट्रेन के इस डिब्बे की जांच हुई।
एक घंटा लगा सुधार में
पटना से अहमदाबाद जा रहा हूं। नागदा में बाद ट्रेन के अंदर पहले धुआं आया। इसके बाद जब देखा तो आग व्हील में लगी हुई थी। इसके बाद जंजीर को खींचा। करीब एक घंटे से अधिक समय तक ट्रेन को रोककर रखरखाव किया गया।
- ट्रेन के ए-1 डिब्बे में सवार धटना के प्रत्यक्षदर्शी यात्री शमशाद खान
सूचना मिलते ही काबू पाया
रेलवे के कर्मचारियोंं ने सूचना मिलते ही घटना के कारणों पर काबू पाया। कई बार ब्रेक के रबड़ आपस में रगड़ते है तो इस प्रकार की घटना होती है। समय रहते इस पर काबू पा लिया गया।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल