रतलाम

रतलाम में गरीबों के गेहूं में कंकड़-पत्थर, वितरण पर उठे सवाल

दो माह से उचित मूल्य दुकानों पर पहुंच रही घटिया गुणवत्ता का गेहूं, सेल्समैन ने फोटो भेजकर की शिकायत, हितग्राहियों के सवालों का देना पड़ रहा जवाब, जिम्मेदार बेखबर
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Updated: 31 Oct 2026, 9:14 PM IST
Ratlam Breaking News PDS
दो माह से उचित मूल्य दुकानों पर पहुंच रही घटिया गुणवत्ता का गेहूं, सेल्समैन ने फोटो भेजकर की शिकायत, हितग्राहियों के सवालों का देना पड़ रहा जवाब, जिम्मेदार बेखबर

रतलाम। अन्नदाताओं ने ऐसा गेहूं तो सरकार को नहीं तुलवाया था। किसानों से समर्थन मूल्य पर गुणवत्ता जांच के बाद खरीदे गए गेहूं को वेयरहाउस से उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब परिवारों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण अनाज मिल सके। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों पर पहुंच रहे गेहूं के कट्टों में कंकड़-पत्थर, घेसा और टूटे-सड़े दाने मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

पलसोड़ी, कनेरी और पल्दूना की दुकानों से जुड़े ऐसे मामलों में सेल्समैन ने विभागीय वॉट्सएप ग्रुप में खराब गेहूं की तस्वीरें साझा कर अपनी समस्या बताई, लेकिन आरोप है कि इन स्पष्ट शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पहले 50 किलो के कट्टों में 53 किलो तक गेहूं मिलने का मामला सामने आया था, जिससे वितरण में अनियमितता पर सवाल उठे थे। अब कुछ कट्टों में खराब गेहूं और कंकड़-पत्थर मिलने से पूरी वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। इसका सीधा खामियाजा राशन दुकानों के सेल्समैन को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि राशन लेने पहुंच रहे हितग्राही खराब अनाज को लेकर उनसे सीधे सवाल करते हैं और इस स्थिति में उन्हें संतोषजनक जवाब देना बेहद मुश्किल हो रहा है।

दो माह से आ रहे खराब गेहूं
पलसोड़ी के सेल्समैन मुकेश गरवाल ने बताया कि करीब दो माह से कुछ कट्टों में कंकड़-पत्थर मिले गेहूं आ रहे हैं। उन्होंने फोटो विभागीय ग्रुप में साझा किए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार कुछ कट्टे फटे हुए भी आते हैं और उनका वजन 40 से 42 किलो तक ही रहता है। शिकायत करने पर वाहन चालक का कहना है कि गेहूं उसे भी आगे से ऐसा ही मिल रहा है। मजबूरी में गेहूं छानकर वितरण करना पड़ रहा है।

कनेरी में भी यही स्थिति
कनेरी राशन दुकान से जुड़ी प्रिया ने बताया कि नवंबर के राशन में चार-पांच कट्टों में कंकड़-पत्थर मिले गेहूं निकले। उन्होंने फोटो ग्रुप में साझा किए और हितग्राहियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग खराब अनाज लेने पर आपत्ति जता रहे हैं। नए कट्टे खुलवाने पर भी कंकड़ मिलने से समस्या बनी हुई है।

इनका कहना है
कुछ ग्रामीण क्षेत्रों से खराब गेहूं की सूचना मिली थी, उन्हे खराब गेहूं वितरण करने से मना कर दिया हैं। इस संबंध में सेल्समैनों को ध्यान रखना चाहिए अगर खराब गेहूं पहुंच रहे है तो वितरण नहीं करें। जागरुक रहे और विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए।
श्रीराम बरडे, जिला आपूर्ति अधिकारी

Updated on:
31 Oct 2026, 9:14 PM IST
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