राजधानी ट्रेन को 100 दिन में 160 किमी की गति से चलाने का रेलवे का दावा खोखला साबित होगा। 100 दिन का जो प्लान रेलवे ने जारी किया है, उस अनुसार आगामी 4 वर्ष में 4 हजार करोड़ की योजना बनाकर रतलाम मंडल में जो बडे़-छोटे 100 से अधिक कर्व है, उसको समाप्त करना है।
रतलाम. रेल मंडल से निकलने वाली राजधानी ट्रेन को 100 दिन में 160 किमी की गति से चलाने का रेलवे का दावा खोखला साबित होगा। 100 दिन का जो प्लान रेलवे ने जारी किया है, उस अनुसार आगामी 4 वर्ष में 4 हजार करोड़ की योजना बनाकर रतलाम मंडल में जो बडे़-छोटे 100 से अधिक कर्व है, उसको समाप्त करना है। इसके बाद ही ये ट्रेन 160 किमी की गति से चल पाएगी। फिलहाल तो लोको पायलट व गार्ड एसोसिएशन ने ही सवालिया निशान लगा दिए है।
रेलवे के परिचालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जैकोट से लेकर लिमखेड़ा सेक्शन में ही काफी डेंजर कर्व है। जैकोट से उसरा तक 2, उसरा से मंगल मोहड़ी तक 3 व मंगल मोहड़ी से लिमखेड़ा तक 3 डेंजर कर्व है। अमरगढ़ से पंचपिपलिया तक नॉन स्टॉप सेक्शन में 4 बडे़ कर्व है।
राजधानी एक्सप्रेस तक 65 की गति पर
इन कर्व की स्थिति को इस प्रकार समझा जा सकता है कि पंचपिपलिया-अमरगढ़ के बीच ही 65 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन को चलाया जाता है। ये गति 596-42 किमी से लेकर 600-26 किमी तक रहती है। यहां पर 3 से लेकर 5 डिग्री तक का कर्व है। इसी सेक्शन में एक बड़ी गुफा आती है, जहां पर ट्रेन की गति को कम किया जाता है। इसलिए ये कहना कि रेलवे तुरंत 100 दिन में ट्रेन की गति को 120 किमी प्रतिघंटे से बढ़ाकर 160 किमी कर देगा, संभव नहीं है।
इस तरह होगा ये काम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार 100 दिन में ट्रेन की गति को 160 किमी प्रतिघ्ंाटे की रफ्तार से किस तरह किया जा सकता है, इसकी योजना बनाकर देना है। इसमे अधिकारी मंडल में नई दिल्ली मुंबई राजधानी रुट पर आने वाले सभी कर्व से लेकर उतार-चढ़ाव आदि की जानकारी देंगे। इसके बाद रेलवे इसमे प्लान बनाएगा। इस प्लान को ही पूरा अगले चार वर्ष में किया जाएगा। रेलवे के उच्च अधिकारियों के अनुसार 4 वर्ष में 4 हजार करोड़ रुपए से अधिक की योजना बनाकर इन कर्व को समाप्त किया जाएगा।
कर्व समाप्त किए संभव नहीं
रेलवे की योजना गति बढ़ाने की बेहतर है, लेकिन जब तक मंडल में कर्व है, तब तक ट्रेन की गति बेहतर नहीं की जा सकती।
- चंपालाल गिडवानी, अध्यक्ष गार्ड एसो.
इसके लिए योजना लागू करना होगी
इस समय अनेक कर्व आते है। विशेषकर अमरगढ़ से लेकर लिमखेड़ा तक सबसे अधिक कर्व है। जब तक इन कर्व को नहीं हटाया जाएगा, ट्रेन की गति को अधिक नहीं किया जा सकता है।
- जफरुल हसन, सदस्य, ऑल इंडिया लोको पायलट एसोसिएशन