
रतलाम। भाई-बहन के अटूट प्रेम के इस पर्व को लेकर बाजार सज-धज कर तैयार हो गया है। भद्रा रहित इस साल रक्षाबंधन पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। सैकड़ों प्रकार की आकर्षक राखियां प्रतिष्ठानों पर सुबह से शाम तक ग्राहकों को लुभा रही हैं। इस बार रूद्राक्ष, क्रिस्टल, कपल-चूड़ा राखी के साथ ही बच्चों के लिए उपहार संग रक्षा सूत्र विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। शहर के मुख्य मार्केट माणकचौक में इन दिनों बहनें जमकर राखियों के साथ पूजन सामग्री और भाइयों के लिए उपहार की खरीदारी कर रही हैं। बुधवार को त्योहारी उत्सव के अन्तर्गत माणकचौक, नोलाईपुरा, कलाईगर रोड, भुट्टा बाजार, सेठजी का बाजार आदि क्षेत्रों में बहनों की भीड़ नजर आई।
यहा सुबह से देर रात तक खरीदारी
शहर के माणकचौक, चांदनीचौक, कलाईगर रोड, दो बत्ती न्यू रोड, राम मंदिर, कस्तूरबानगर, जवाहर नगर, इंद्रलोक नगर, अलकापुरी, बाजना बस स्टैंड सहित कई क्षेत्रों में राखी और उपहार वस्तुओं की दुकानें सज चुकी हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मोती, क्रिस्टल, ब्रेसलेट, एंटीक ब्रेसलेट, क्रिस्टल रूद्राक्ष, बच्चों के लिए टेडी वाली राखी और कपल ब्रेसलेट अधिक चलन में हैं।
मोती की साधारण राखी पहली पसंद
व्यापारी सचिन छाजेड़ के अनुसार 500 से अधिक प्रकार की कुंदन, मीना-मोती-रुद्राक्ष आदि की राखियां 5 से 350 रुपए प्रति नग में उपलब्ध हैं। पिछले वर्ष की तुलना में कीमतों में 10 प्रतिशत की तेजी बनी हुई है। मोती चूड़ा राखी का चलन अधिक है, जिसमें सफेद मोती और साधारण आकर्षक राखियां पसंद की जा रही हैं। ये राखियां अहमदाबाद, इंदौर और मुंबई से मंगवाई गई हैं।
भद्रा रहित मनेगा रक्षाबंधन
इस साल भद्रा रहित रक्षाबंधन का पर्व मनेगा। राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त 18 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 43 मिनट से शाम 4 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। पं. नरेश शर्मा के अनुसार 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा 9 बजकर 9 मिनट से शुरू होगी। इसके साथ ही भद्रा भी आरंभ होगी, जो रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। अत: 27 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने का शास्त्रनिर्देश नहीं है। 28 अगस्त को सूर्योदय के बाद तक पूर्णिमा रहेगी, जिससे रक्षाबंधन के दिन सुबह से रात्रि तक पूरे दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा।