
रतलाम। अनंत चतुर्दशी पर ढलती शाम रिमझिम फुहारों के बीच रोशनी से जगमगाती झांकियों का कारवां सडक़ों पर उतरा तो शहर की सडक़ें आस्था, उल्लास और रोमांच से भर उठीं। झांकियों के साथ चल रहे अखाड़ों के कलाकारों ने मलखम्ब, आग के घेरे और शस्त्रकला के हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
बारिश के बावजूद झांकियां देखने के लिए मार्गों पर भीड़ जमा रही। जवाहर व्यायामशाला, कोठारीवास अनंत नारायण मंदिर, श्रीद्वारिकाधीश आदर्श आर्य युवक हिंद व्यायामशाला, आरोग्य व्यायामशाला और बाजना बस स्टैंड राधाकृष्ण मंदिर की व्यायामशाला की झांकियां और अखाड़ों के कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे।
आकर्षक झांकी…अखाड़ों के करतब
रामदेव हिंद व्यायामशाला की शेषशैय्या पर भगवान विष्णु की झांकी ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। कल्याणगुरु व्यायामशाला की केदारनाथ पर आधारित झांकी ने धार्मिक आस्था का संदेश दिया। नव निर्माण हिंद व्यायामशाला की झांकी में श्रीराम दरबार, ओम नम शिवाय और रामायण युद्ध के दृश्य जीवंत किए गए। जवाहर व्यायामशाला से निष्ठा दुर्गावाहिनी की करीब 100 मातृशक्तियों ने शस्त्रकला का प्रदर्शन कर महिला शक्ति का परिचय दिया। चांदनीचौक की श्रीद्वारिकाधीश व्यायामशाला ने महाकाल की झांकी के साथ क्रेन रोप मलखम्ब और शस्त्रकला के करतब दिखाए।
आग के घेरे से मलखम्ब तक रोमांच
आरोग्य व्यायामशाला की नवग्रह, सांवरिया सेठ, गाय और बगलामुखी माता की झांकियों के साथ कलाकारों ने आग, मलखम्ब और शस्त्रकला से रोमांच बढ़ाया। देर रात तक झांकियों का कारवां शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता रहा। जगह-जगह बने मंचों से झांकियों और कलाकारों का सम्मान किया गया।
करतबों पर थमीं निगाहें…
बारिश के बीच अखाड़ों के कलाकारों ने जब आग के घेरे, मलखम्ब और शस्त्रकला के करतब शुरू किए तो दर्शकों की निगाहें थम गईं। ऊंचाई पर संतुलन, तेजी से घूमते शस्त्र और आग के बीच किए गए प्रदर्शन पर हर करतब के बाद तालियों की गूंज सुनाई दी।
रिमझिम फुहारों में झांकियों का जलवा
अनंत चतुर्दशी पर ढलती शाम रिमझिम फुहारों के बीच रोशनी से सजी झांकियों का कारवां सडक़ों पर उतरा तो देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। झांकियों के साथ अखाड़ों के पहलवानों ने मलखम्ब, आग के घेरे और शस्त्रकला के हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित किया। जवाहर व्यायामशाला, कोठारीवास अनंत नारायण मंदिर, श्रीद्वारिकाधीश आदर्श आर्य युवक हिंद व्यायामशाला, आरोग्य व्यायामशाला और बाजना बस स्टैंड राधाकृष्ण मंदिर की आदि व्यायामशाला की झांकियां और अखाड़ों के कलाकार भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
अखाड़ों के करतबों ने बांधा समां
रामदेव हिन्द व्यायामशाला की ओर से निकाली गई शेष शैय्या पर भगवान विष्णु की झांकी। कल्याणगुरु व्यायामशाला की केदारनाथ पर आधारित झांकी ने मनमोह लिया। नव निर्माण हिन्द व्यायामशाला की ओर से निकाली गई झांकी में श्रीराम दरबार, ओम नम: शिवाय और रामायण युद्ध दर्शाया गया। जवाहर व्यायामशाला से निष्ठा दुर्गावाहिनी की 100 मातृशक्तियों ने शस्त्रकला का प्रदर्शन किया। चांदनीचौक की श्रीद्वारिकाधीश व्यायामशाला ने महाकाल की झांकी के साथ क्रेन रोप मलखम्ब और शस्त्रकला का प्रदर्शन किया। आरोग्य व्यायामशाला ने नवग्रह, सांवरिया सेठ, गाय और बगलामुखी माता की झांकियां निकालीं। अखाड़े के कलाकारों ने आग, मलखम्ब और शस्त्रकला से रोमांच बढ़ाया। देर रात तक झांकियों का कारवां गुजरता रहा और विभिन्न मंचों से कलाकारों व झांकियों का सम्मान किया गया।