
युवक को ढूंढने का प्रयास करते गोताखोर और लोग
रतलाम. हनुमान ताल में गुरुवार को एक छात्र के डूबने की घटना के बाद शुक्रवार की शाम करीब सवा छह बजे गणेश विसर्जन के दौरान करमदी स्थित सूरजमल जैन तालाब में 18 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। उसके अन्य दोस्त भी साथ थे किंतु वे बाहर निकल गए और यह पानी में ही डूब गया।
मृतक की पहचान महेश पिता रामा गरवाल (18) के रूप में हुई है। मूल रूप से निवासी रानीसिंह के समीपी गांव ग्राम गरवाडा का है, जो इस समय सालाखेड़ी स्थित एक निजी वेयरहाउस में माता-पिता के साथ रह रहा था। मृतक के पिता वेयरहाउस में चौकीदारी का काम करते हैं। मृतक महेश दो भाइयों में छोटा था। गणेश विसर्जन के दौरान वह अपने दो-तीन दोस्तों विकास पिता बंकट लाल निवासी राजस्वनगर और सुमित पिता कमलेश सहित अन्य के साथ तालाब में मूर्ति विसर्जित करने गया था।
तय स्थान से अलग जगह पहुंचा था
सूरजमल जैन तालाब पर ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मियों के अनुसार मूर्ति विसर्जन के लिए कम गहराई वाला स्थान तय किया हुआ था। यहां टीआई विक्रमसिंह चौहान, पुलिसकर्मी और तैराकों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद ये लोग दूसरी तरफ गहराई वाले हिस्से में गए थे।
पैर फिसला और डूब गया
मृतक महेश के साथी विकास के अनुसार उन दोनों के पैर फिसल गए थे। विकास ने बताया कि उसने महेश को भी पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया किंतु वह नहीं निकला तो वहां मौजूद अन्य लोगों को सूचना दी। इस पर तुरंत ही पुलिसकर्मी और अन्य लोगों ने उसे गहरे पानी से निकाला किंतु तब तक देर हो चुकी थी। उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंच जहां उसे मृत घोषित कर दिया। शव को मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
ेएक दिन पहले हनुमान ताल में हो चुका हादसा
शहर के निजी स्कूल की 11वीं कक्षा में पढऩे वाले 17 साल के किशोर भटूनी निवासी मंगल पिता गजेंद्रसिंह की हनुमान ताल में डूबने से मौत हो गई। ये सभी छह दोस्त स्कूल से बंक मारकर गुरुवार को यहां पहुंचे थे। किशोर के डूबने की जानकारी सामने आते ही तीन दोस्त भाग निकले जबकि दो भी भाग रहे थे तो पाल के यहां मौजूद लोगों ने भागते देख रोककर पूछा तो मंगल के डूबने की जानकारी सामने आई। तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया लेकिन यह टीम बच्चे को नहीं निकाल सकी। इसके बाद आम व्यक्तियों के बीच से चार तैराकों ने पानी में डूबकियां लगाकर दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर शव को बाहर निकाला। शव को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
थाने पर सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर ध्यानसिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई। टीम करीब एक घंटे बाद मौके पर आई। बोट के जरिये पानी में पहुंचे और हैंकड़ी डालकर निकालने का प्रयास किया। काफी देर तक कोई पता नहीं चला। इस पर लोगों ने गोताखोरों को पानी में भेजने के लिए दबाव बनाया। टीम में से कोई भी पानी में नहीं कूदा।
एसडीआरएफ पर लोगों का गुस्सा फूटा
पानी में गोता लगाने को कोई तैयार नहीं था। इस पर विनोद निनामा सरवन, दुर्गेश चौहान, विनोद पटेल दोनों निवासी सैलाना बस स्टैंड और गोवर्धन प्रजापत निवासी विरियाखेड़ी कूदे और कुछ ही देर में बच्चे को बाहर निकाल लिया। वहां मौजूद परिजनों, दोस्तों व आम लोगों में एसडीआरएफ की टीम पर गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई तो टीम के लोग सुनते रहे।
16-17 साल की आयु के थे
हनुमान ताल पहुंचे निजी स्कूल के छहों दोस्तों की आयु 16 से 17 साल के बीच की थी। ये दसवीं से 12वीं तक की कक्षा मे पढ़ते हैं और अकसर साथ ही रहते थे। मृतक मंगल पिता गजेंद्रसिंह के साथ गए दोस्तों में शिवराज पिता गोवर्धन गुर्जर निवासी धीरजशाह नगर, पृथ्वीराज पिता गजपालसिंह निवासी हतनारा, रितिक पिता पन्नालाल सेन निवासी बड़ौदिया, रोशन पिता दिनेश पाटीदार जड़वासा और विशाल पिता गजराजसिंह निवासी सनावदा हैं।
पिता का भी गुस्सा फूटा
सूचना मिलने के बाद निजी स्कूल का स्टॉफ भी हनुमान ताल पहुंचा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी तो पिता अपने सहयोगियों के साथ हनुमान ताल आए। यहां उन्होंने दूसरे बच्चों को देखा तो गुस्सा फूट पड़ा था।
Updated on:
25 Sept 2026 08:33 pm
Published on:
25 Sept 2026 08:32 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
