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नहाने के दौरान हनुमान ताल में डूबने से 17 साल के छात्र की मौत

स्कूल से बंक मारकर हनुमान ताल पहुंचे छह छात्रों में से एक की हनुमान ताल में डूबने से मौत हो गई। प्रयास के बाद भी एसडीआरएफ की टीम नहीं निकाल सकी तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गोताखोरों ने बच्चे को पानी से बाहर निकाला।
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रतलाम

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Kamal Singh

Sep 24, 2026

ratlam news

हनुमान पहुंची एसडीआरएफ की टीम

रतलाम. शहर के निजी स्कूल की 11वीं कक्षा में पढऩे वाले 17 साल के किशोर भटूनी निवासी मंगल पिता गजेंद्रसिंह की हनुमान ताल में डूबने से मौत हो गई। ये सभी छह दोस्त स्कूल से बंक मारकर गुरुवार को यहां पहुंचे थे। किशोर के डूबने की जानकारी सामने आते ही तीन दोस्त भाग निकले जबकि दो भी भाग रहे थे तो पाल के यहां मौजूद लोगों ने भागते देख रोककर पूछा तो मंगल के डूबने की जानकारी सामने आई। तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया लेकिन यह टीम बच्चे को नहीं निकाल सकी। इसके बाद आम व्यक्तियों के बीच से चार तैराकों ने पानी में डूबकियां लगाकर दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर शव को बाहर निकाला। शव को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

टीम नहीं निकाल सकी पानी सेथाने पर सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर ध्यानसिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई। टीम करीब एक घंटे बाद मौके पर आई। बोट के जरिये पानी में पहुंचे और हैंकड़ी डालकर निकालने का प्रयास किया। काफी देर तक कोई पता नहीं चला। इस पर लोगों ने गोताखोरों को पानी में भेजने के लिए दबाव बनाया। टीम में से कोई भी पानी में नहीं कूदा।

एसडीआरएफ पर लोगों का गुस्सा फूटा

पानी में गोता लगाने को कोई तैयार नहीं था। इस पर विनोद निनामा सरवन, दुर्गेश चौहान, विनोद पटेल दोनों निवासी सैलाना बस स्टैंड और गोवर्धन प्रजापत निवासी विरियाखेड़ी कूदे और कुछ ही देर में बच्चे को बाहर निकाल लिया। वहां मौजूद परिजनों, दोस्तों व आम लोगों में एसडीआरएफ की टीम पर गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई तो टीम के लोग सुनते रहे।

16-17 साल की आयु के

हनुमान ताल पहुंचे निजी स्कूल के छहों दोस्तों की आयु 16 से 17 साल के बीच की थी। ये दसवीं से 12वीं तक की कक्षा मे पढ़ते हैं और अकसर साथ ही रहते थे। मृतक मंगल पिता गजेंद्रसिंह के साथ गए दोस्तों में शिवराज पिता गोवर्धन गुर्जर निवासी धीरजशाह नगर, पृथ्वीराज पिता गजपालसिंह निवासी हतनारा, रितिक पिता पन्नालाल सेन निवासी बड़ौदिया, रोशन पिता दिनेश पाटीदार जड़वासा और विशाल पिता गजराजसिंह निवासी सनावदा हैं।

पिता का भी गुस्सा फूटा

सूचना मिलने के बाद निजी स्कूल का स्टॉफ भी हनुमान ताल पहुंचा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी तो पिता अपने सहयोगियों के साथ हनुमान ताल आए। यहां उन्होंने दूसरे बच्चों को देखा तो गुस्सा फूट पड़ा।

तीसरी बार गया था पानी में

साथी बच्चों ने बताया कि मंगल नहाने के लिए तीसरी बार तालाब में कूदा था और इसी दौरान डूब गया। वे लोग भागने लगे तो वहां मौजूद जाकिर और लक्की ने रोककर पूछा था। इसके बाद इन दोनों ने विनोद निनामा को पानी में कूदाया किंतु मंगल को नहीं बचा सका तो पुलिस को सूचना दी।