
रतलाम। सैलाना बस स्टैंड स्थित सब्जी मंडी की जर्जर दुकानों में अब हादसे का खतरा बढ़ गया है। शनिवार रात छह-सात दुकानों के आगे के छज्जे अचानक भरभराकर गिर गए। गनीमत रही कि घटना रात में हुई, इसलिए मौके पर अधिक आवाजाही नहीं थी और बड़ा हादसा टल गया। सुबह मंडी सचिव ने निरीक्षण किया। रविवार सुबह दुकानदारों ने मलबा हटाया। कुछ ने दुकानें खोलीं, जबकि कुछ ने एहतियातन दुकानें बंद रखीं।
मंडी की कई दुकानों की हालत लंबे समय से खराब है। करीब 35-36 साल पुरानी इन दुकानों की छत और दीवारों में जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं। कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ चुका है और जंग लगे सरिये बाहर निकल आए हैं। दुकानों के पीछे की मुंडेर भी पिछले वर्ष गिर चुकी है। अब आगे के हिस्से के छज्जे गिरने के बाद अन्य हिस्सों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
छत पर जाने वाला रास्ता भी खराब स्थिति में
स्थिति केवल दुकानों के बाहरी हिस्से तक सीमित नहीं है। कई दुकानों की छत और पीछे की दीवारों में भी दरारें नजर आ रही हैं। छत पर जाने वाला रास्ता भी खराब स्थिति में है। यहां रोजाना दुकानदारों के साथ ग्राहकों और अन्य लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में जर्जर हिस्सों की तकनीकी जांच और जरूरी सुरक्षा उपायों की जरूरत सामने आई है। यहीं पीछे की तरफ रविवार-रविवार जैविक हाट बाजार भी लगता हैं।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे सचिव
छज्जे गिरने की सूचना के बाद रविवार सुबह मंडी सचिव किशोर कुमार नरगावे मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने इंजीनियर को दुकानों की स्थिति की तकनीकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन दुकानों की मरम्मत, सुरक्षा या अन्य कार्रवाई की आवश्यकता है।
हादसे के बाद उठे सवाल
शनिवार रात छह-सात दुकानों के छज्जे गिरे। दुकानों की छत और दीवारों में दिखाई दे रही हैं दरारें। प्लास्टर उखडऩे से जंग लगे सरिये बाहर निकले। पीछे की मुंडेर भी पहले गिर चुकी है।
तकनीकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।