
रतलाम। जिले में इस बार बारिश का आंकड़ा औसत से काफी नीचे है। करीब 23.4 इंच बारिश के बीच जहां हर बूंद सहेजने की जरूरत है, समीपस्थ रतलाम ग्रामीण में बने डेरी-त्रिवेणी बांध की नहरों से पानी लगातार बहकर नाले में जा रहा है, जिसे रोका नहीं जा रहा। जलाशय पहले ही कम भरा है और ऐसे में पानी का यह अपव्यय आने वाले दिनों में सिंचाई के साथ मवेशियों और आमजन के लिए भी परेशानी बढ़ा सकता है।
दूसरी ओर, धोलावाड़ जलाशय में इस साल अब तक करीब 23.05 एमसीएम पानी ही पहुंचा है। जलस्रोतों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उपलब्ध पानी को सुरक्षित रखना जरूरी है। इसके बावजूद डेहरी-त्रिवेणी बांध की नहरों में लीकेज और गेट की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सवाल यह है कि जब बारिश कम है और जलाशय पूरी क्षमता से नहीं भरे हैं, तब उपलब्ध पानी को यूं बहने देने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
नहरों से लगातार पानी बह रहा
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों नहरों से लगातार पानी बह रहा है। चार-पांच मोटरों के बराबर पानी का बहाव होने का दावा किया जा रहा है। नहरों और पाइपलाइन के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हैं। कुछ स्थानों पर पाइप टूटे पड़े हैं और गेट भी ठीक तरह से बंद नहीं हो पाते। बहता पानी नाले के रास्ते आगे नदी में जा रहा है।
15-15 किमी तक पहुंचता है पानी
डेहरी-त्रिवेणी बांध से करीब 15-15 किमी तक सिंचाई लाइनें गई हैं। इनके जरिए चिकलिया, अम्बोदिया, डेहरी, नलकुई, भाटी बड़ोदिया, ढोलका, उमरन, बड़छापरा, उमरथाना, मऊ और धराड़ सहित कई क्षेत्रों तक पानी पहुंचता है। नोगांवा रेलवे स्टेशन के पास तक भी बांध का पानी पहुंचने की जानकारी स्थानीय लोगों ने दी।
गेट पूरी तरह बंद नहीं हो रहा
डेहरी निवासी जितेंद्रसिंह राठौर ने बताया कि नहर के गेट पर पत्थर पड़े हैं और लंबे समय से गेट पूरी तरह बंद नहीं हो रहा। पुलिया के नीचे लगातार पानी बहने की आवाज सुनाई देती है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
नहर से बह रहा लगातार पानी
किसान रामेश्वर पटेल के अनुसार गेट बंद करने के दौरान लीकेज बना रहता है। चद्दर में खराबी के कारण पानी रुक नहीं पाता। उनका कहना है कि इस साल तालाब कम भरा है, इसलिए विभाग को तत्काल लीकेज और गेट की मरम्मत कर पानी सुरक्षित करना चाहिए।
हर बूंद कीमती, फिर भी बह रहा पानी
जिले की औसत बारिश: 23.4 इंच
जरूरत: करीब 36 इंच
धोलावाड़ जलाशय: इस साल अब तक करीब 23.05 एमसीएम पानी
डेहरी-त्रिवेणी बांध: दो नहरों से लगातार पानी बहने की शिकायत
पानी का बहाव: नाले के रास्ते आगे नदी में जा रहा
समस्या: गेट, लीकेज और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन
चिंता: कम बारिश के बीच सिंचाई, मवेशियों और पेयजल पर असर