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उज्जैन संभाग मेें तीन जिलों के डीपीएम के विरुद्ध डिपार्मेंटल इंक्वारी के निर्देश

पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के पर्याप्त पंजीयन नहीं होने पर संभागायुक्त ने रतलाम, उज्जैन और आगर मालवा के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश
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रतलाम. अनमोल पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन समय पर नहीं करने और कार्य में लापरवाही करने के कारण रतलाम के साथ ही उज्जैन और आगर मालवा जिले के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के विरुद्ध डिपार्मेंटल इंक्वारी के निर्देश दिए गए है। इन्हीं जिलों के डीपीएम के एक-एक माह का वेतन काटने के निर्देश डिवीजऩल कमिश्नर आशीष सिंह ने दिए है । वे आज उज्जैन में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की समाभागीय समीक्षा कर रहे थे ।

सम्भागायुक्त ने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण, प्रसव एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के पोषण आहार और कुपोषित बच्चों के लिए किया जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उपायुक्त राजेन्द्र वर्मा एवं स्वास्थ्य विभाग के एवं महिला बाल विकास विभाग के संभागीय अधिकारी डॉ. दीपक पिप्पल और राजेश मेहरा, राजीव बरसेना व संभाग के सभी जिलों के जिला अधिकारी मौजूद थे।

रतलाम में बाजना-बिलपांक सैलाना की हालत खराब
बैठक में समीक्षा के दौरान पाया कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन का कार्य उज्जैन, आगर और रतलाम जिले में पिछड़ रहा है। रतलाम जिले के खासकर बाजना बिलपांक और सैलाना विकासखण्ड की स्थिति अधिक खराब है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि रियल टाइम में मॉनिटरिंग होना चाहिए और पंजीयन के कार्य में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तो ब्लॉक मेडिकल अफसर के ही विरुद्ध कार्रवाई हो रही है यदि इसमें सुधार नहीं हुआ तो सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

जांच और डिलीवरी के प्रतिशत पर भी चिंता
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों से यह प्रमाणीकरण लिया जाए कि उनके कार्य क्षेत्र में कोई भी गर्भवती महिला पंजीयन से शेष नहीं है। बैठक में ऐसी गर्भवती महिलाएं जो हाई रिस्क श्रेणी में है उनकी जांच और डिलीवरी के प्रतिशत पर भी चिंता व्यक्त की गई और यह प्रतिशत राज्य के समकक्ष तक ले जाने के लिए कहा गया। संभागायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि कम से कम ऐसी महिलाओं को तीन दिन पहले ही हॉस्पिटल में भर्ती किया जाना चाहिए।

संभाग आयुक्त ने कहा डाटा में हेरफेर बर्दाश्त नहीं
अनमोल पोर्टल पर डिलीवरी के प्रकरण भी अपडेट नहीं किए जा रहे हैं इस पर भी कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की। संभाग आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जितने भी डाटा पोर्टल पर फीड किए जाते हैं शुद्ध होना चाहिए। डाटा में हेरफेर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा डाटा इंट्री गलत की, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएंगी। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में डी ग्रेडिंग पर सिविल सर्जन आगर मालवा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। रतलाम और आगर मालवा में हायपर टेंशन एवं डायबिटीज मरीजों का फालोअप कम होने पर फालोअप करवाने के निर्देश दिए।

रतलाम एवं आगर मालवा में नियमित पोषण किट का कराए वितरण
महिला बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि संभाग में 99.76 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का वजन करवाया गया है। आंगनवाड़ी में तीन से लेकर 6 वर्ष तक के सभी बच्चों का पंजीयन करवाने के निर्देश दिए गए । देवास जिले में अच्छा कार्य हुआ है। बताया गया है कि लाडली लक्ष्मी का 88.15 प्रतिशत टारगेट पूरा हो गया है।पीएम मातृ वंदन योजना में भी 97.85 प्रतिशत लक्ष्य अर्जित किया गया है। बैठक में निर्देश दिए गए कि वय वंदना योजना के तहत सीनियर सिटीजन के शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाये जाये।स्क्रीनिंग के बाद टी बी मरीजों के उपचार की व्यवस्था करे। रतलाम एवं आगर मालवा जिले में नियमित रूप से पोषण किट का वितरण करवाए। सेम,मेम बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए आवश्यकता अनुसार उन्हें उपचार के लिए एन आर सी में भर्ती करवाया जाये। एनआरसी के सभी बेड फुल रहे, महिला बाल विकास विभाग यह सुनिश्चित करें। कम वजन के बच्चो को डिस्चार्ज नहीं किया जाये।