रतलाम

यहां पढे़ं, कोरोना महामारी को लेकर क्या कहते है देश के शीर्ष ज्योतिषी

कोरोना महामारी के सन्दर्भ में भारत के प्रमुख ज्योतिषी सोशल मीडिया पर एक दूसरे से जुडे़ व इस मामले में लंबी चर्चा की। इसमे रतलाम के पूर्व राज परिवार के ज्योतिषी रहे बाबुलाल जोशी के पुत्र अभिषेक जोशी ने भी सहभागिता की। यहां पढे़ं, क्या मंथन है ज्योतिषियों का कोरोना बीमारी को लेकर...

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Apr 24, 2020
corona patients doubles just four days in mp, create horrible condition

रतलाम. कोरोना महामारी के सन्दर्भ में भारत के प्रमुख ज्योतिषी सोशल मीडिया पर एक दूसरे से जुडे़ व इस मामले में लंबी चर्चा की। इसमे रतलाम के पूर्व राज परिवार के ज्योतिषी रहे बाबुलाल जोशी के पुत्र अभिषेक जोशी ने भी सहभागिता की। इस दौरान कोरोना के संक्रमण के प्रभाव का कारण, इसके कम होने के बारे में गणना की गई। यहां पढे़ं, क्या मंथन है ज्योतिषियों का कोरोना बीमारी को लेकर...

VC से मध्यप्रदेश राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आदि राज्यों के ज्योतिषी आपस में जुडे़। इन लोगों ने करीब तीन घंटे से अधिक समय तक कोरोना के होने की वजह, इसका प्रभाव, इसका संकटकाल का समय, व इससे जुड़ी दवा आदि पर चर्चा की। इस दौरान भारत के आगामी 6 माह के समय को लेकर भी बात हुई। इसमे कोरोना महामारी को लेकर विभिन्न ज्योतिषियों ने अपनी अपनी बात ग्रहों के अनुसार रखी।

यह ज्योतिषी हुए इसमे शामिल

ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने बताया कि इस दौरान महामारी के ज्योतिषीय कारण, निवारण महामारी की कालावधि के बारे में अपने अपने विचार रखें। इसमे पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी जोधपुर, पंडित शुभेष शर्मन दिल्ली, पंडित रमेश सेमवाल हरिद्वार, पंडित रमेश वायंगावकर ग्वालियर, डॉ. रवि शर्मा पंडित, पंडित केके ओझा जयपुर, पंडित अभिषेक जोशी, डॉ. सपना सारस्वत जोधपुर, पंडित शंकरसिंह राजपुरोहित जोधपुर, डॉ. भेरूप्रकाश दाधीच जोधपुर आदि ने अपने अपने विचार महामारी के सन्दर्भ में रखे।

यह कहा ज्योतिषियों ने
पंडित शुभेष शर्मन ने कहा कि भारतीय ऋषियों ने बार, बार हाथ धोना, रसोई की पवित्रता, स्वयं की पवित्रता के बारे में चिंतन किया जो क्वाराईटीन का ही रूप है, कालांतर में इसे जातिवादी जामा पहना दिया गया। पंडित रमेश सेमवाल ने कहा कि मंगल का कुंभ में प्रवेश विश्व के लिए खुशी की लहर 4 मई से लेकर आयेगा। पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी ने कहा कि हम निश्चित रूप से बेहतरी की तरफ हैं, जैसा कि पूर्व में कहा था कि अप्रैल माह में वैक्सीन या दवाई का अनुंसधान हो जायेगा, और उस दिशा में शुभ समाचार प्राप्त होने जा रहे है। मई, जून में बीमारी के संक्रमण में कमी आने के योग बन रहे है। 30 जून के बाद गुरू के धनु राशि में प्रवेश के साथ इस बीमारी का पतन शुरू हो जायेगा। पंडित शंकरसिंह ने भी कहा कि बीमारी में प्रभाव में 30 जून के बाद से कमी आयेगी।

इस कारण है यह महामारी
पंडित केके ओझा ने कहा प्लूटो, शनि की युति जब जब आती है तब तब विश्वव्यापी महामारी का प्रकोप रहता है। पंडित अभिषेक जोशी ने कहा कि राहु के मंगल के नक्षत्र से निकलने बाद जनवरी 2021 में पूरी तरह से राहत मिलेगी। डॉ. रवि शर्मा ने कहा कि ईद के बाद लोकडाऊन समाप्त रहने के योग बनेगें। पंडित रमेश वायगावकर ने कहा 21 जून को होना वाला सूर्य ग्रहण में छ: ग्रह वक्री रहेगें। उसके परिणामस्वरूप विश्व के देशों में आपसी तनाव उभरने या प्रबल रहने के योग बन रहे है। डॉ. भेरूप्रकाश दाधीच ने कहा कि जून से पूर्व संक्रमण कम होना शुरू हो जायेगा। डॉ. सपना सारस्वत ने कहा कि मई माह में से कमी धरातल पर नजर आयेगी। सभी ने एक मत से इस बात का स्वीकारा कि जून के बाद ही बीमारी का पतन आरंभ होगा।

IMAGE CREDIT: lali koshta
Published on:
24 Apr 2020 09:36 am
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