रतलाम

रतलाम के दो श्रीसंघों को मिली महापुरुषों-पूर्वजों की विरासत

तपस्या की झड़ी से महका रतलाम श्रीसंघ, सात दिवसीय सिद्धि तप महोत्सव का समापन के समापन अवसर पर किया तपस्वियों का अभिनंदन और सम्मान
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तपस्या की झड़ी से महका रतलाम श्रीसंघ, सात दिवसीय सिद्धि तप महोत्सव का समापन के समापन अवसर पर किया तपस्वियों का अभिनंदन और सम्मान

रतलाम। तपस्या की झड़ी से श्रीसंघ रतलाम महका उठा। सात दिवसीय सामूहिक सिद्धि तप महोत्सव का समापन तपस्वियों के अभिनंदन एवं सम्मान नीमचौक श्रीसंघ की ओर से मंगलवार को किया गया। रतलाम के दोनों श्रीसंघों को महापुरुषों और पूर्वजों की तप-साधना एवं संस्कारों की विरासत मिली है।

मंगलवार को यह बात धर्मसभा में श्रमण संघीय प्रवर्तक प्रकाशमुनि ने कही। उन्होंने कहा कि रतलाम के दोनों श्रीसंघों को महापुरुषों और पूर्वजों की तप-साधना एवं संस्कारों की विरासत मिली है। जिन महापुरुषों ने रतलाम के दोनों श्रीसंघ को तप, साधना से सींचा है, आज अद्भुत नजारा देखने को जैन दिवाकर श्रीसंघ मे मिल रहा है। गुरुदेवो जैन दिवाकर चौथमल, मालवा रत्न कस्तूरचंद, मालवा केसरी सौभाग्यमल और तपस्वी मोहन मुनि ने रतलाम के जैन दिवाकर श्रीसंघ एवं धर्मदास श्रीसघ मे जो प्रेम रूपी वर्षा बरसाई है। इसी का परिणाम है कि आज यहां तपस्या की झड़ी लगी है। उन्होंने कहा कि सिद्धि तप 44 दिन की आराधना है, जिससे कर्मों की निर्जरा होती है और जिनशासन का मार्ग प्रशस्त होता है।

रतलाम की धरती बड़े-बड़े गुरुओं की तप-साधना से सिंचित
महासती प्रफुल्ला ने कहा कि जैन धर्म की आधारशिला ही तप है। रतलाम की धरती बड़े-बड़े गुरुओं की तप-साधना से सिंचित हुई है और आज सिद्धि तप की आराधना से प्रफुल्लित हो रही है। उन्होंने तपस्या के आयोजन के लिए पूरे श्रीसंघ की अनुमोदना की।

श्रीसंघ की ओर से उनका बहुमान किया
महासती महिमा व महासती सुमनप्रभा ने भी धर्मसभा को संबोधित कर तपस्वियों की अनुमोदना की। साध्वी महती, प्रणया एवं परिज्ञा ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सभी तपस्वियों का संगीतमय प्रवेश कराया गया तथा लाभार्थी परिवारों एवं श्रीसंघ की ओर से उनका बहुमान किया गया। श्रीसंघ अध्यक्ष अजय खेमसरा ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालन विनोद बाफना ने किया तथा आभार विनोद कटारिया ने माना। समारोह में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

तपस्वियों का संगीतमय प्रवेश
मीडिया प्रभारी निलेश बाफना ने बताया की कार्यक्रम के दौरान सभी तपस्वियों की संगीतमय प्रवेश कराया। इसके बाद लाभार्थी कटारिया परिवार व जैन परिवार एवं श्रीसंघ की ओर से सभी तपस्वियों का सम्मान किया। इस अवसर पर महामंत्री विनोद कटारिया, कोषाध्यक्ष अमृत कटारिया, संघ रत्न इंदरमल जैन, संघ गौरव महेन्द्र बोथरा, मणिलाल कटारिया, सुरेश कटारिया, ललित पटवा आदि सभी का सहयोग सराहनीय रहा।

ये रहे लाभार्थी परिवार
कार्यक्रम के मुख्य लाभार्थी शांता कुमारी इंदर मल जैन, कमलाबाई बसंतीलाल परिवार के ललित, पंकज प्रवीण पटवा परिवार रहे। इसके साथ एक दिन पूर्व सभी सिद्धि तप तपस्वी परिवार द्वारा तुलादान का कार्यक्रम और संध्या में मातृ पिता वंदन भक्ति संध्या का आयोजन हुआ, जिसके लाभार्थी रखबचंद रतनलाल ललित कटारिया परिवार व संतोष कुमार, मनीष, शालीन बोहरा परिवार रहा। इसके साथ अन्य कार्यक्रमों के तहत पत्रिका लेखन के मि_ूलाल, अजय, आयुष खेमसरा परिवार, केसर चंदन के बापूलाल महेन्द्र, सौरभ बोथरा परिवार, धार्मिक अंताक्षरी के मगनबाई मोतीलाल डांगी परिवार, मेहंदी के भँवरलाल विनोद बाफना परिवार, तपस्या चौबीसी के अमोलक बाई समरथमल कटारिया परिवार काल्मोड़ा वाला लाभार्थी रहा।

Updated on:
29 Sept 2026 09:59 pm
Published on:
29 Sept 2026 09:55 pm