मध्यप्रदेश के रतलाम में सोमवार - मंगलवार की रात 12 बजे से 1 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक पूरा लॉक डाउन रखे जाने का निर्णय लिया है। इस दौरान घर से बाहर निकलने वालों पर IPC 151 में कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया जाएगा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने यह निर्णय लेते हुए बताया इस दौरान घर पर नियमित रुप से दूध आएगा व दवाई की चयनीत दुकाने खुलेगी। इसके अलावा कंट्रोल रूम से डॉक्टर वाट्सएप पर वीडिओ कॉलिंग के माध्यम से जरूरी सलाह दे रहे है।
रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम में सोमवार - मंगलवार की रात 12 बजे से 1 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक पूरा लॉक डाउन रखे जाने का निर्णय लिया है। इस दौरान घर से बाहर निकलने वालों पर धारा 151 में कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया जाएगा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने यह निर्णय लेते हुए बताया इस दौरान घर पर नियमित रुप से दूध आएगा व दवाई की चयनीत दुकाने खुलेगी। इसके अलावा कंट्रोल रूम से डॉक्टर वाट्सएप पर वीडिओ कॉलिंग के माध्यम से जरूरी सलाह दे रहे है।
कलेक्टर चौहान, पुलिस अधीक्षक आईपीएस गौश्रव तिवारी सहित जिले के आला अधिकारियों ने सोमवार सुबह बड़ी बैठक की। इस दौरान बैठक के बाद मीडिया से बात कलेक्टर ने करते हुए बताया कि 30 मार्च को रात 12 बजे से 1 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक पूरा लॉक डाउन रखा जाएगा। जो इस दौरान गैर जरूरी रुप से बाहर मिलेगा उस पर धारा 151 में कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया जाएगा। इस दौरान आमजन को घर में नियमित रुप से दुध सप्लाय होगा। इतना ही चयनित रुप से जो दवा की दुकान है वो खोलने की मंजूरी दी गई है। इस दौरान सांची पार्लर पर दूध मिलेगा। लेकिन इसको लेने जाने के बजाए फोन पर यह मंगवाना होगा।
बाहर से आए 10 हजार लोग
इन सब के बीच पुलिस अधीक्षक गौश्रव तिवारी ने पत्रिका को बताया कि कोरोना प्रभाव के बाद रतलाम में बाहर से करीब 10 हजार लोग आए। इनमे से दो हजार लोग वो चयनित किए गए है जो उन क्षेत्र से आए है जो कोरोना प्रभावित जिले रहे है। अब इन लोगों के घर के बाहर स्टीकर लगाने की शुरुआत मंगलवार से होगी। इसमे स्पष्ट लिखा जाएगा कि यह घर में रहने वालों को घर में ही रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान पड़ोसियों की यह जवाबदेही रहेगी कि अगर घर में रहने वाले बाहर निकले तो इसकी सूचना पुल्सि व प्रशासन को दी जाए। इसके बाद इस प्रकार के लोग को आईसीलेटेड किया जाएगा।