वर्ष 2008 से चल रही डूंगरपुर बांसवाड़ा रतलाम रेल परियोजना को अब संसद में उठाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए बड़ोदरा, बांसवाड़ा के सांसद के साथ मिलकर रतलाम सांसद इस मामले को उठाने जा रहे है।
रतलाम। वर्ष 2008 से चल रही डूंगरपुर बांसवाड़ा रतलाम रेल परियोजना को अब संसद में उठाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए बड़ोदरा, बांसवाड़ा के सांसद के साथ मिलकर रतलाम सांसद इस मामले को उठाने जा रहे है। इतना ही नहीं, रतलाम से जुड़ी रेलवे की विभिन्न योजनाओं को भी अब गति मिलने की उम्मीद जागी है। सांसद जीएस डामोर ने इसके लिए पत्रिका से बात की।
सांसद डामोर ने कहा कि डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल परियोजना के मामले को संसद में उठाया जाएगा। इसके अलावा रतलाम में जो ट्रेन का ठहराव नहीं होता है, उनके ठहराव को लेकर कुछ दिन पूर्व रेलमंत्री को पत्र दिया था। तब यह भरोसा दिया गया था कि परीक्षण करवाया जा रहा है। इनके ठहराव भले एक या दो मिनट का हो, लेकिन यह कार्य होगा। सांसद ने बताया कि रतलाम में पीट लाइन के निर्माण के लिए प्रयास चल रहे है। इसके लिए महाप्रबंधक से उनकी बात हुई है। इसके अलावा बड़ोदरा, इंदौर में आकर जो ट्रेन का ठहराव होता है उनको रतलाम तक बढ़ाने के लिए कहा गया है। आदिवासियों को पलायन रोकना है तो इन क्षेत्र में ट्रेन को लाना होगा।
इन ट्रेन को बढ़ाने पर बात
वलसाड़-दाहोद ट्रेन को रतलाम तक बढ़ाने के लिए कहा गया है, जल्दी ही इसके सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। इसके अलावा कोटा में समाप्त होने वाली कोटा पटना ट्रेन हो या बड़ोदरा में समाप्त होने वाली विभिन्न ट्रेन, इनकेा रतलाम तक बढ़ाया जाए इसको लेकर तैयारी की जा रही है। लेकिन इसके लिए रतलाम में पीट लाइन का होना जरूरी है। इस समय पश्चिम रेलवे में सबसे अधिक भार ट्रेन का है। इसलिए संभावना तलाश की जा रही है कि किस तरह ट्रेन को बढ़ाने में सफलता मिल सकेगी। सांसद ने आरोप लगाया कि झाबुआ में उपचुनाव के बाद से बिजली बिल अधिक आने शुरू हो गए है। ग्रामीण क्षेत्र में सिंचाई के लिए बिजली पर्याप्त नहीं मिल रही है।