मालगाड़ी में कंटेनर व बगैर कंटेनर की ट्रेन शामिल
रतलाम. पश्चिम रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में 292 पार्सल विशेष ट्रेन चलाकर करीब 13.82 करोड़ रुपए की आय प्राप्त की है। 44 हजार भार टन के साथ चलने वाली इन मालगाडिय़ों में कंटेनर व बगैर कंटेनर की ट्रेन शामिल है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने पत्रिका को बताया कि वित्त वर्ष 2020-2021 में, 2 जून तक, 292 पार्सल विशेष गाडयि़ों को लगभग 44 हजार टन भार के साथ चलाया गया, जिनसे 13.82 करोड़ रु. की आय हुई। इसी तरह, 2 जून, तक वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिए कंटेनर और नॉन कंटेनर लोडिंग, 1110.48 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ 4832 रेक रही। अप्रैल, 2020 के महीने में, कंटेनर और नॉन कंटेनर लोडिंग के कुल 2174 रेक 463.69 करोड़ रुपये की कमाई के साथ परिचालित किये गये और मई, 2020 में, कंटेनर और नॉन कंटेनर लोडिंग के कुल 2482 रेक 601.44 करोड़ रु. की कमाई के साथ चलाये गये। जून, 2020 के 2 दिनों में, 177 रेक लोडिंग के ज़रिए 45.35 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
कुल 5294 रेक चले
22 मार्च से 2 जून तक, मालगाडिय़ों के कुल 5294 रेकों का उपयोग 10.35 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है। 10,424 मालगाड़ी को अन्य क्षेत्रीय रेलों के साथ जोड़ा गया, जिनमें 5250 ट्रेनें सौंपी गईं और 5174 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंट पर ले जाया गया। पार्सल वैन - रेलवे मिल्क टैंकर (आरएमटी) के 302 मिलेनियम पार्सल रेकों को आवश्यक सामग्री जैसे दूध पाउडर, तरल दूध, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य सामान्य वस्तुओं की मांगों का सामना करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया। पश्चिम रेलवे में लॉकडाउन के कारण कमाई का कुल नुकसान 1149.30 करोड़ रुपये रहा है। इसके बावजूद, अब तक टिकटों के निरस्तीकरण के परिणाम स्वरूप, पश्चिम रेलवे ने 302.66 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस की है। अब तक, 46.36 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार उनकी रिफंड राशि प्राप्त की है।