
रतलाम। धन-वैभव की देवी मां महालक्ष्मी का प्रगटोत्सव 3 अक्टूबर को भक्तिभाव और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। कालिका माता मंदिर के समीप स्थित प्राचीन महालक्ष्मीनारायण मंदिर में अभिषेक-हवन का आयोजन होगा। इसमें मंदिर की पवित्रता और धार्मिक परंपरा को देखते हुए पूजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष ड्रेस कोड रखा गया है।
पुरुषों को धुली हुई धोती-कुर्ता तथा महिलाओं को धुली हुई साड़ी पहनकर ही अभिषेक-हवन में शामिल होना होगा। पुजारी दीपक व्यास ने श्रद्धालुओं से मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और धार्मिक परंपराओं का पालन करने में सहयोग की अपील की है।
सुबह 9 बजे से अभिषेक-हवन
प्रगटोत्सव पर शनिवार सुबह 9 बजे से अभिषेक एवं हवन शुरू होगा। दिनभर मंदिर में भक्तिभाव का वातावरण रहेगा। शाम 5 बजे आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी। आयोजन को लेकर मंदिर में तैयारियां की जा रही हैं।
श्रीश्रीमाली ब्राह्मण समाज ने कुलदेवी को अर्पण की चुनरी
धन की देवी महालक्ष्मी का शनिवार को प्रकटोत्सव भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। महालक्ष्मी के जयकारों के साथ शुक्रवार शाम श्रीश्रीमाली ब्राह्मण समाज ने दो दिवसीय जन्मोत्सव के अन्तर्गत चुनरी यात्रा महालक्ष्मी परिसर श्रीमाली वास से निकाली। शहर में स्थित समाज की चारों कुलदेवी महालक्ष्मी मंदिर पर पहुंची। मातारानी के दर्शन वंदन कर चुनरी अर्पण कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान आगे आगे महिला मंडल की सदस्याएं और समाजजन चल रहे थे। महालक्ष्मी मंदिर माणकचौक सहित चारों मंदिर पर आरती की गई। समाज की ओर से जन्मोत्सव पर चांदी के दस आभूषण से मातारानी की शृंगार किया जाएगा।
आज यज्ञ अनुष्ठान व्रत का उद्यापन
समाज अध्यक्ष नयन व्यास ने बताया कि 3 अक्टूबर दोपहर 2 बजे से महालक्ष्मी का यज्ञ, हवन, अनुष्ठान सामूहिक व्रत उद्यापन महिलाएं जोड़े के साथ करेगी। शाम 6 से 7.30 बजे के मध्य महालक्ष्मी परिसर, श्रीमालीवास पर सामूहिक पूजन होगा। समाजजन आकर अपनी कुलदेवी का पूजन अर्चन करेंगे।
शाम को निकलेगी शाही सवारी
शाम 7.30 बजे महालक्ष्मी की शाही सवारी बैंड बाजे के साथ निकाली जाएगी, जो शहर के चारों महालक्ष्मी में पहुंचकर माता की पूजा अर्चना एवं आरती करेंगी। रात्रि 12 बजे आरती कर महालक्ष्मी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। सचिव कुलदीप त्रिवेदी, उपाध्यक्ष प्रीति व्यास, कोषाध्यक्ष महेश कुमार ओझा, उपेंद्र ओझा, अखिलेश व्यास आदि ने समाजजनों से उत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया हैं।