बीते दिनों की ये घटनाएं सामाजिक रिश्तों में सेंध लगा रही साइबर धोखेबाजी की ओर इशारा कर रही हैं
बीते दिनों की ये घटनाएं सामाजिक रिश्तों में सेंध लगा रही साइबर धोखेबाजी की ओर इशारा कर रही हैं। डिजीटल युग में, जहां हर हाथ में स्मार्ट फोन है, यह घटनाएं चिंता का विषय हैं। नेशनल क्राइम ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार सोशल मीडिया के जरिए की गई दोस्ती और प्रेम ज्यादातर मामलों में फेक आइडेंटिटी का इस्तेमाल होता है जिस कारण प्रेम करने वाली युवतियां ऑनलाइन ज्यादा फरेब का शिकार होती हैं। आज देश में १० करोड़ से ऊपर की आबादी इंटरनेट के विभिन्न माध्यमों जैसे व्हाट्सएप, गूगल, ट्विटर, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, फेसबुक आदि का धडल्ले से इस्तेमाल कर रही है। पर इसके मिसयूज का खमियाजा उन युवक-युवतियों को भुगतना पड़ रहा है जो बिना सोचे समझे इंटरनेट पर सामाजिक रिश्ते बढ़ाना चाहते हैं।
साइबर धोखेबाजी...
दिल्ली : एक निजी कंपनी में काम करने वाली युवती के साथ सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग का आरोप
नोएडा : फेसबुक पर प्रोफेसर की पत्नी से दोस्ती कर पति की गैरमौजूदगी में मिलने घर तक पहुंचा आरोपी
जयपुर : पहले फेसबुक पर दोस्ती फिर मिलने के लिए होटल बुलाकर किया दुष्कर्म
सहारनपुर : फेसबुक पर हुई दोस्ती १३ साल की किशोरी ३० साल के लडक़े के साथ भागी
इंटरनेट में प्यार ढूंढें, ठग नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार इंटरनेट में इन दिनों ऐसी वेबसाइटों की भरमार है, जो ई-रिलेशनशिप के जरिए लोगों का भावनात्मक और अन्य तरह का शोषण करते हैं। ऐसे लोग कई सालों तक आपसे सही रिश्ता बनाए रख सकते हैं। लेकिन जैसे ही मौका मिलेगा, अपने काम को अंजाम देने से बाज नहीं आएंगे।
जरा बच के...
ऑस्ट्रेलिया की कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर कंजंप्शन (एसीसीसी) की रिपोर्ट के अनुसाार करीब ९० हजार लोगों ने माना है कि वर्चुअल दुनिया में प्यार और दोस्ती तलाशने पर उनका शोषण हुआ। कुछ लोगों ने तो कई साल तक अपने रिश्ते को निभाया। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिसके साथ धोखा होता है, उसे केवल पैसे के जाने का ही गम नहीं होता। इतना वक्त किसी के साथ बातें कर एक जज्बाती रिश्ता भी बन जाता है। रिश्ते को खोने का अफसोस भी होता है।