Gemstone Tip Wednesday: बुधवार के दिन कन्या और मिथुन राशियों के लिए पन्ना धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से न केवल सफलता और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, बल्कि विघ्नहर्ता गणेश जी की कृपा से सभी बाधाएं भी दूर होती हैं।
Gemstone Tip Wednesday: बुधवार के दिन कन्या और मिथुन राशियों के लिए पन्ना धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से न केवल सफलता और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, बल्कि विघ्नहर्ता गणेश जी की कृपा से सभी बाधाएं भी दूर होती हैं। पन्ना पहनने से बुध की ग्रह शक्ति मजबूत होती है, जिससे करियर, पढ़ाई और मानसिक शांति में सुधार आता है। ज्योतिष और रत्न शास्त्र में 9 मुख्य रत्न और 84 उपरत्नों का वर्णन है, जिनमें से पन्ना रत्न (Emerald Gem) एक अत्यंत प्रभावशाली रत्न है। इसे बुधवार के दिन पहनना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं पन्ना रत्न की खासियत
पन्ना बुध ग्रह का प्रमुख रत्न है। यह हरे रंग का चमकदार पत्थर मानसिक स्पष्टता, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने से जुड़ा माना जाता है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार यदि कुंडली में बुध कमजोर हो, निर्णय लेने में भ्रम हो या पढ़ाई-लिखाई में एकाग्रता की कमी हो, तो पन्ना धारण करने की सलाह दी जाती है।कहा जाता है कि पन्ना पहनने से व्यक्ति की वाणी प्रभावशाली होती है। जो लोग वाद-विवाद, लेखन, शिक्षा, मीडिया, मार्केटिंग या कला के क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें इससे विशेष लाभ मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए भी यह रत्न एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
मिथुन राशि के जातकों के लिए पन्ना संवाद कौशल को मजबूत करने और करियर में नए अवसर दिलाने में सहायक माना जाता है। वहीं कन्या राशि के लोगों के लिए यह रत्न आत्मविश्वास, विश्लेषण क्षमता और व्यावसायिक स्थिरता प्रदान करने वाला समझा जाता है।यदि जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हों या निर्णय लेने में दुविधा रहती हो, तो बुधवार के दिन विधि-विधान से पन्ना धारण करना शुभ माना जाता है। इसे सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर दाहिने हाथ की छोटी उंगली में पहनना परंपरागत रूप से प्रचलित है।
पन्ना रत्न बिना ज्योतिषी की सलाह के नहीं पहनना चाहिए। इसे बुधवार या ज्येष्ठा, आश्लेषा, रेवती नक्षत्र में पहनना शुभ होता है। पन्ना को सोना या चांदी में जड़वाकर छोटी उंगली (Little Finger) में धारण करें।धारण से पहले मंगलवार की रात इसे दूध में भिगोएं, बुधवार सुबह निकालकर गंगाजल से अभिषिक्त करें, धूप-दीप दिखाएं और मंत्र “ॐ बूं बुधाय नमः” का जाप करके ही पहनें।