Hanuman Jayanti 2026 : 2 अप्रैल सुबह 6:10 से 7:44 तक अभिजीत मुहूर्त ,दोपहर 12:00 बजे से लेकर 12:50 तक यह समय सबसे उत्तम रहेगा चूंकि माना जाता है कि दोपहर के समय ही हनुमान जी का जन्म हुआ था...
Hanuman Jayanti 2026 Date Puja Time : महाबली बजरंगबली का जन्मोत्सव यानी हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। कई मान्यताओं के अनुसार छोटी दीपावली यानी की नरक चतुर्दशी पर भी हनुमान जी का (Hanuman Jayanti) जन्मोत्सव मनाया जाता है। साल में दो बार हनुमान जयंती मनाने के पीछे का कारण यह बताया जाता है कि नरक चतुर्दशी पर हनुमान जी का विजय अभिनंदन महोत्सव के रूप में मनाया जाता है और पूर्णिमा तिथि उनके जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है।
पौराणिक कथा के अनुसार बाल हनुमान ने सूर्य को फल समझकर निगल लिया था उसी दिन राहु भी सूर्य पर ग्रहण लगाना चाहता था लेकिन हनुमान जी को देखकर सूर्य देव ने उन्हें दूसरा राहु समझ लिया। इस दिन चैत्र माह की पूर्णिमा का दिन था।
हनुमान जयंती के बारे में प्रचलित एक अन्य कथा के मुताबिक मां सीता ने हनुमान जी की भक्ति और समर्पण को देखकर उन्हें अमरता का वरदान दिया था. इस दिन नरक चतुर्दशी थी। इसलिए इस दिन को भी धूमधान से मनाया जाता है।
संकट मोचन हनुमान सभी पीड़ाओं और कष्टों को दूर करते हैं, सभी की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस बार साल 2026 में 2 अप्रैल वार गुरुवार को हनुमान जयंती मनाई जाएगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव का रुद्र अवतार हनुमान जी को माना जाता है, हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि मंगलवार के दिन हुआ था इसीलिए मंगलवार का दिन बजरंगबली को समर्पित माना गया है। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि का आरंभ एक अप्रैल 2026 वार बुधवार को सुबह 7.08 पर होगा 2 अप्रैल 2026 वार गुरुवार को प्रात: 7.41 पर होगा।
| विषय (Topic) | विवरण (Details) |
|---|---|
| पर्व का नाम | हनुमान जयंती |
| वर्ष | 2026 |
| तिथि | 2 अप्रैल 2026 |
| दिन | गुरुवार |
| महत्व | भगवान हनुमान का जन्मोत्सव |
| धार्मिक मान्यता | भगवान शिव के रुद्र अवतार माने जाते हैं |
| जन्म तिथि (पौराणिक) | चैत्र मास की पूर्णिमा |
| विशेष दिन | मंगलवार (हनुमान जी को समर्पित) |
| पूर्णिमा तिथि प्रारंभ | 1 अप्रैल 2026, सुबह 7:08 बजे |
| पूर्णिमा तिथि समाप्त | 2 अप्रैल 2026, सुबह 7:41 बजे |
| पूजनीय स्वरूप | संकट मोचन, कष्ट निवारक |
| मान्यता | सभी पीड़ाओं को दूर कर मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं |
साथ ही सत्यनारायण पूर्णिमा व्रत एक अप्रैल 2026 वार बुधवार को रखा जाएगा और हनुमान जयंती का उत्सव 2 अप्रैल 2026 वार गुरुवार को मनाया जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा 2 अप्रैल सुबह 6:10 से 7:44 तक अभिजीत मुहूर्त ,दोपहर 12:00 बजे से लेकर 12:50 तक यह समय सबसे उत्तम रहेगा चूंकि माना जाता है कि दोपहर के समय ही हनुमान जी का जन्म हुआ था।
इसी के साथ ही 2 अप्रैल 2026 वार गुरुवार को संत पीपा जयंती भी मनाई जाएगी। हनुमान जी को पूजा में लाल पुष्प सिंदूर, अक्षत पान का बीड़ा, मोतीचूर के लड्डू, चोला ,लाल लंगोट और तुलसी की माला अर्पित करनी चाहिए। हनुमान जी की आरती उतारने के बाद लड्डू को प्रसाद के रूप में बांटना चाहिए। इस दिन हनुमान जी के लिए व्रत भी रखा जाता है। जीवन में हमेशा खुशहाली बनी रहे हर क्षेत्र में सफलता लिए हनुमान जयंती के दिन सुंदरकांड हनुमान चालीसा हनुमान अष्टक और बजरंग बाण का पाठ करना उत्तम माना गया है।
मानसिक रूप से शांति के लिए हनुमान जयंती के दिन महाबली हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं उन्हें सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद पीपल के 11 पत्तों पर सिंदूर से श्रीराम लिखकर हनुमान जी को अर्पित करें। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में हर प्रकार की समस्या के समाधान हो जाता है।
हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी को बनारसी पान का बीड़ा चढ़ाए। हनुमान मंदिर में जाकर 11 काले उड़द के दाने, सिंदूर फूल, चमेली का तेल, प्रसाद, गुलाब के फूलों की माला उन्हें अर्पित करें। सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करें तो हनुमान जी आपके सब दुख हर लेंगे।