
Nirjala Ekadashi Date 2026: इस साल ज्येष्ठ मास की निर्जला एकादशी बेहद खास होने जा रही है। ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा के अनुसार, पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून को शाम 6:13 मिनट पर होगा और इसका समापन अगले दिन 25 जून को शाम 8:09 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
इस बार एकादशी पर अद्भुत ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं। इस दिन (Nirjala Ekadashi 2026) शुभ शिव योग, रवि योग और सिद्ध योग का संयोग भी बन रहा है। माना जाता है कि, यह योग बेहद प्रभावशाली होता है, इसमें पूजा-पाठ करने से साधक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं और सभी प्रकार के दोषों से राहत मिलती हैं।
रवि योग: सुबह 5:25 मिनट से शुरू होकर शाम 4:29 मिनट तक
शिव योग: सुबह 10:22 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा।
सिद्ध योग: सुबह 10:53 मिनट से पूरे दिन रहेगा।
नीतिका शर्मा ने बताया कि निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2026) के दिन दूध में केसर मिलाकर अभिषेक करने से भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विष्णु सहस्त्र का पाठ करने से कुंडली के सभी दोष समाप्त होते हैं। भोग में भगवान विष्णु को पीली वस्तुओं का प्रयोग करने से धन की बरसात होती है। भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने बैठकर गीता का पाठ करने से पित्रों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
हालांकि, इस दिन कुछ गलतियों से बचना जरूरी है। ज्योतिषाचार्या ने सचेत किया कि माता तुलसी को विष्णु प्रिया कहा जाता है, शास्त्रों के अनुसार एकादशी पर तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए। इससे पाप के भागी बनते हैं क्योंकि इस दिन तुलसी भी एकादशी का निर्जल व्रत करती हैं। साथ ही विष्णु जी को पूजा में अक्षत (चावल) अर्पित न करें, क्योंकि श्रीहरि की उपासना में चावल वर्जित हैं।
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