धर्म और अध्यात्म

Hartalika Teej 2025: सिर्फ शिव नहीं! हरतालिका तीज पर महिलाएं इन 3 देवी-देवताओं को भी चढ़ाएं श्रद्धा के फूल

Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज 2025 सिर्फ भगवान शिव और माता पार्वती का ही उत्सव नहीं है, बल्कि इस खास दिन पर महिलाएं अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा-अर्चना करती हैं। ये देवी-देवता परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए आशीर्वाद देते हैं।

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Aug 20, 2025
Hartalika Teej traditional worship फोटो सोर्स – Freepik

Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। यह पर्व खासतौर पर महिलाओं के लिए भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। हरतालिका तीज 2025 सिर्फ भगवान शिव और माता पार्वती का ही उत्सव नहीं है, बल्कि इस खास दिन पर महिलाएं अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा-अर्चना करती हैं। ये देवी-देवता परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए आशीर्वाद देते हैं। लेकिन हरतालिका तीज के दिन इन तीन देवी-देवताओं की भी पूजा करना पुण्य माना जाता है। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से हैं ये देवता, जिनकी पूजा इस पावन अवसर पर जरूर करनी चाहिए।

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Hartalika Teej: सिर्फ व्रत ही नहीं, आध्यात्मिक साधना भी

हरतालिका तीज का पर्व महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। यह दिन सिर्फ भगवान शिव और माता पार्वती के व्रत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गणेशजी ,सूर्य देव और शुक्र देव की आराधना भी इस दिन बेहद लाभकारी मानी गई है।यह न केवल व्रती महिला के लिए, बल्कि पूरे परिवार के लिए शुभता और आशीर्वाद लेकर आता है।

गणेशजी की पूजा

हर शुभ कार्य की तरह इस व्रत की शुरुआत भी गणपति वंदना से होती है। मान्यता है कि गणेशजी बिना उनकी अनुमति के कोई भी पूजा सफल नहीं होती। यही कारण है कि महिलाएं व्रत की शुरुआत गणेशजी को फूल, फल और नारियल अर्पित करके करती हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और व्रत पूर्णता प्राप्त करता है।

सूर्य देव

इस दिन सुबह-सवेरे सूर्य देव को जल चढ़ाना बेहद शुभ माना गया है। सूर्य की आराधना से स्वास्थ्य बेहतर होता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। माना जाता है कि अर्घ्य देने से घर-परिवार में सकारात्मकता बनी रहती है।

शुक्र देव

हरतालिका तीज का मुख्य उद्देश्य पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की सुख-शांति से जुड़ा होता है। ऐसे में शुक्र देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। शुक्राचार्य की आराधना करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और मधुरता बनी रहती है।

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