सागर

दलित युवती की मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिले CM मोहन यादव, पुलिस चौकी खोलने और 8.25 लाख की मदद का किया ऐलान

CM Mohan Yadav meet victim family in sagar : एमपी के सीएम मोहन यादव बुधवार को बरोदिया नोनागिर गांव पहुंचे। यहां पीड़ित दलित परिवार से मुलाकात करते हुए उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि नोनागिर गांव में जल्द पुलिस चौकी खोली जाएगी। पीड़ित परिवार को 8 लाख 25 हजार रूपए आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की।

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May 29, 2024

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार सुबह सागर जिले के बरोदिया नोनागिर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित दलित परिवार के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान सीएम मोहन ( CM Mohan Yadav ) ने बड़ोदिया नोनागिर में पुलिस चौकी खोलने का आश्वासन तो दिया ही, साथ ही ये भी कहा कि मृतक राजेंद्र अहिरवार के परिवार को 8 लाख 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि ( Financial aid amount ) प्रदान की जाएगी। हालांकि, ये सहायता राशि दो भागों में दी जाएगी। इसमें पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट ( Post mortem report ) के आधार पर आधी राशि 4 लाख 12, 500 पीड़ित परिवार के परिजन के बैंक खाते में जमा होंगे, जबकि शेष आधी राशि चालान पेश होने पर उन्हें दी जाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री यादव मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि ये भी प्रयास किए जाएंगे कि भविष्य में ऐसी घटना न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। यहां पर बार-बार घटनाएं हो रही हैं, इसके लिए पुलिस चौकी का इंतजाम करेंगे और पुलिस प्रबंधन भी करेंगे, ताकि दोबारा ऐसी घटना ना हो। परिवार के बड़े बूढ़ों को भी विश्वास में लिया जाएगा। सीएम ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।

कांग्रेस पर पलटवार

सीएम मोहन ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कम से कम ऐसी दुःखद घटना पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। घटना जब भी होती है तो पीड़ित का मन आहत होता है। सरकार की संवेदनशीलता है। पीड़ित परिवार की हिम्मत बनाने के लिए सरकार उनके साथ खड़ी है। घटनाएं आपस में रंजिश के कारण हो रही हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, मेरी मृतकों के परिवार के साथ सहानुभूति है। गांव के लोग मिलें तो आगे आपस में झगड़ा न हो। मैंने प्रशासन से भी कहा है कि वो मुस्तैदी से पेश आए। पुलिस चौकी खोलकर आगे इस तरह की किसी घटना को रोकने के लिए इंतजाम करें।

घटना की गंभीरता का हमको अहसास है- सीएम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस का काम अपोजिशन का है। उनको बोलते रहना है। उनको खुद मालूम है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह दोनों घरों में बैठ कर आए थे, जहां झगड़ा हुआ वहां और जिनके घर घटना हुई वहां भी। बाहर से आकर कोई भी आदमी कया करेगा..? परस्पर घटना हुई है। उस घटना की गंभीरता का एहसास हमको है।

कांग्रेस पहले पहुंच चुकी पीड़ित परिवार के घर

आपको बता दें कि इस मामले में हालही में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी तक पीड़ित के गांव उससे मुलाकात करने पहुंच चुके हैं। यहां जीतू पटवारी ने दलित पीड़ित परिवार से राहुल गांधी की मोबाइल पर बातचीत भी कराई थी। दलित युवती अंजना अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी सागर जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग की थी।

क्या है मामला ?

आपको बता दें कि पिछले साल अगस्त में सागर जिले के बरोदिया नोनागिर गांव में पुरानी दुश्मनी के चलते लोगों के एक समूह ने आदिवासी नितिन अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसकी बहन अंजना अहिरवार ने उसके भाई की हत्या की एफआईआर दर्ज कराई। बीते शनिवार हत्या मामले में राजीनामे को लेकर बैठक हुई, जिसमें आरोपियों ने पीड़ित परिवार पर राजीनामा करने का दबाव बनाया। इसपर राजी न होने पर मृतक नितिन के चाचा रामसेवक अहिरवार की हत्या कर दी। जब रामसेवक का शव पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल से गांव लाया जा रहा था तब उसकी भतीजी अंजना भी चलती एम्बुलेंस से रहस्यमयी ढंग से नीचे गिर गई, जिसमें उसकी भी मौत हो गई।

Published on:
29 May 2024 11:38 am
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