सागर

World Hepatitis Day: ये 5 लक्षण दिखें तो फेल हो सकता है आपका लिवर, एमपी में हुआ रिसर्च

World Hepatitis Day: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की रिसर्च में हेपेटाइटिस-बी के मरीजों में हेपेटाइटिस-डी संक्रमण बढ़ने का खुलासा हुआ है। शोध के अनुसार, दोनों वायरस एक साथ होने पर लिवर फेलियर कई गुना बढ़ जाता है।
2 min read
Jul 28, 2026
World Hepatitis Day: अमरीका रिसर्च जर्नल्स में हुआ प्रकाशित (Photo Source- freepik)
World Hepatitis Day: अमरीका रिसर्च जर्नल्स में हुआ प्रकाशित (Photo Source- freepik)

Hepatitis D virus: लिवर से जुड़ी बीमारियों को लेकर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का एक महत्वपूर्ण शोध सामने आया है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की टीम ने हेपेटाइटिस-डी वायरस पर दो वर्षों तक एक विस्तृत अध्ययन किया है। रिसर्च वैज्ञानिक नीतू मिश्रा, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. सुमित रावत और उनकी टीम ने देशभर के हेपेटाइटिस मरीजों के अलावा सागर के 100 से अधिक मरीजों पर अध्ययन किया। इसमें से 12 मरीज ऐसे मिले, जिनमें हेपेटाइटिस बी और डी एक साथ पाया गया।

हेपेटाइटिस डी के होने पर मरीज की स्थिति बिगड़ गई। बी और डी दोनों एक साथ मरीज में होने पर मरीज को कैंसर, लिवर फेलियर सहित गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। इस शोध के नतीजे अमरीका के प्रतिष्ठित चिकित्सा मैगजीन वर्ल्ड जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में हाल ही में प्रकाशित हुए हैं। 5.4 इंपैक्ट फैक्टर वाला यह जर्नल दुनिया के 177 देशों में पढ़ा जाता है।

बढ़ गई हेपेटाइटिस-डी के संक्रमण की दर

भारत में अब तक हेपेटाइटिस ए, बी, सी और ई पर काफी शोध हुआ है, लेकिन हेपेटाइटिस-डी पर विस्तृत अध्ययन का अभाव था। वैज्ञानिकों ने वर्ष 2005 से 2024 तक के राष्ट्रीय आंकड़ों का डेटा एनालिसिस किया। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित मरीजों में हेपेटाइटिस-डी के संक्रमण की दर पहले के 5 प्रतिशत से बढ़कर अब 7.50 प्रतिशत हो गई है। सागर व आसपास के क्षेत्रों में भी यही दर पाई गई।

लक्षण और बचाव

-लगातार हरारत
-थकावट महसूस होना
-भूख में कमी आना
-मिचली या उल्टी जैसी इच्छा होना
-पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन महसूस होना

दोहरा संक्रमण अधिक घातक

हेपेटाइटिस-डी वायरस स्वतंत्र रूप से नहीं फैलता, बल्कि यह हेपेटाइटिस-बी के साथ मिलकर लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यदि मरीज में बी और डी दोनों वायरस एक साथ मौजूद हों, तो स्थिति जानलेवा हो जाती है। डॉ. सुमित रावत ने बताया कि केवल हेपेटाइटिस-बी होने पर अक्सर मरीजों में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन बी और डी का संयुक्त संक्रमण होते ही मरीज में गंभीर लक्षण उभरने लगते हैं।

समय पर जांच व इलाज ही एक मात्र बचाव

शोध टीम ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-डी दोनों की जांच करानी चाहिए। समय रहते पहचान और उचित उपचार मिलने से मरीज को गंभीर स्थिति व असमय मौत के जोखिम से बचाया जा सकता है।

Updated on:
28 Jul 2026 02:26 pm
Published on:
28 Jul 2026 02:26 pm