कैराना-नूरपुर में जीत पर अखिलेश यादव ने कहा-अहंकारी सत्ता के अंत की शुरूआत
शामली। कैराना और नूरपुर में बीजेपी की बड़ी हार के बाद विपक्षी एकता के बांछें खिल गई है। बीजेपी जहां इसे छोटी हार बता रही है वहीं विपक्षी खेमा जीत से गदगद है और 2019 में मोदी लहर और बीजेपी को रोकने के लिए लामबंद हो गया है। इस जीत के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरु हो गई है। रालोद नेता जयंत चौधरी ने जहां जिन्ना हारा और गन्ना जीता कर बीजेपी पर निशाना साधा वहीं अब अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार पर करार हमला बोला। अखिलेश यादव ने इसे देश को बांटने वाली राजनीति की हार करार दिया।
गोरखपुर और फूलपुर के बाद एक बार फिर बीजेपी अपना गढ़ बचाने में नाकामयाब रही और विपक्ष ने एक बार फिर गठबंधन कर जीत का पताका फहराया है। इस जीत के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा 'कैराना और नूरपुर की जनता, कार्यकर्ताओं, उम्मीदवारों व सभी एकजुट दलों को जीत की हार्दिक बधाई! कैराना में सत्ताधारियों की हार उनकी अपनी ही प्रयोगशाला में, देश को बाँटने वाली उनकी राजनीति की हार है. ये एकता-अमन में विश्वास करने वाली जनता की जीत व अहंकारी सत्ता के अंत की शुरूआत है.’
इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने जनता को मुद्दे से भटकाने की कोशिश की लेकिन जनता ने मुद्दे को चुना बीजेपी के बहकावे में नहीं आई। इस जीत को उन्होंने किसानों, दलित, पिछड़े और मजदूरों की जीत बताया साथ ही कैराना और नूरपुर उपचुनाव के नतीजों को सभी दलों के गठबंधन की जीत कहा।
आपको बता दें कि कैराना में विपक्षी एकता गठबंधन की प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने करीब 55000 वोटों से जीत दर्ज की है वहीं नूरपुर के विपक्षी उम्मीदवार नईमुल हसन ने 6678 वोटों से जीत हासिल की है। योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद ये तीसरा उपचुनाव था जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा है।