सहारनपुर

सहारनपुर से यह कद्दावर मुस्लिम नेता हो सकता है महागठबंधन का उम्‍मीदवार, मिलने लगे संकेत

भीम आर्मी के संस्‍थापक चंद्रशेखर की रिहाई से सहारनपुर में सपा और बसपा उम्‍मीदवारों को लग सकता है तगड़ा झटका
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Updated: 15 Sep 2018, 10:32 AM IST
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सहारनपुर। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण भले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए महागठबंधन के समर्थन की बात कह रहे हैं लेकिन उनके जेल से रिहा होने के बाद सहारनपुर में एक बड़े मुस्लिम नेता का टिकट पक्‍का होता दिख रहा है। सहारनपुर में अभी तक महागठबंधन की तरफ से सपा या बसपा की दावेदारी की चर्चाएं थी लेकिन अब जिस तरह से चंद्रशेखर उर्फ रावण और इस मुस्लिम नेता की मुलाकात हुई है, उससे राजनीति गलियारों में खलबली मच गई है।

चंद्रशेखर के आवास पर पहुंचे इमरान मसूद

शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्‍यक्ष इमरान मसूद चंद्रशेखर से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। चंद्रशेखर ने इमरान मसूद को भरी सभा में गले लगाया और कहा कि इमरान मसूद कहीं भी रहे। किसी भी पार्टी में रहें। चंद्रशेखर उनके साथ हैं। माना जा रहा है क‍ि इमरान मसूद को इसका सीधा लाभ 2019 चुनाव में मिलेगा। दलित मुस्लिम का यह गठजोड़ इमरान मसूद की दावेदारी पक्‍की कर रहा है। अगर कांग्रेस, बसपा, सपा व अन्‍य दलों का महागठबंधन होता है तो बसपा व सपा के प्रत्‍याशियों को इससे तगड़ा झटका लग सकता है। वैसे भी इमरान मसूद का उस क्षेत्र में खासा प्रभाव है। माना जा रहा है क‍ि इस बार उनकी नजर सहारनपुर लोकसभा सीट के टिकट पर है।

पहले से ही चंद्रशेखर के पक्ष में रहे हैं इमरान मसूद

इमरान मसूद पहले से ही चंद्रशेखर के साथ खड़े रहे थे। पुलिस ने जब सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा के आरोप में डलहौजी से चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया था तो इमरान मसूद ने अपने घर पर बुलाकर चंद्रशेखर की मां और भाई से प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाई थी। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने यह आशंका जताई थी कि पुलिस चंद्रशेखर के साथ अभद्रता कर सकती है। इसके बाद भी लगातार कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद चंद्रशेखर के लिए खड़े रहे। मुलाकात करने के लिए जेल में पहुंचे और कई बार रिहाई की मांग भी की। जेल से छूटने के बाद चंद्रशेखर उर्फ रावण ने साफ कहा कि जब वह जेल के अंदर था तो इमरान मसूद बाहर खड़े हुए थे। जब सभी ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया था ऐसे में इमरान मसूद उनके साथ खड़े रहे।

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