
Saharanpur Blast:सहारनपुर के गंगोह स्थित नया गांव में चल रही एक पटाखा फैक्ट्री में शुक्रवार शाम तेज धमाकों के साथ आग लग गई। एक के बाद एक धमाके हुए तो आस-पास का कई किलोमीटर तक क्षेत्र दहल गया। दो मजदूरों के चीथड़े काफी दूर खेतों में जाकर गिरे जबकि दो अन्य लापता हैं। इस दुर्घटना में अब तक दो लोगों के मरने की पुष्टि हो गई है जबकि मरने वालों का यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। कई लोगों के झुलसने की भी खबर है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ, उसमें 200 से अधिक मजदूर अलग-अलग शिफ्टों में काम करते हैं। शुक्रवार शाम को भी रोजाना की तरह मजदूर यहां काम कर रहे थे। अचानक फैक्ट्री के एक हिस्से में विस्फोट हुआ। इससे पहले कि यहां काम कर रहे मजदूर संभल पाते इस धमाके से फैली आग ने विकराल रूप ले लिया। एक के बाद एक कई धमाके हुए और फैक्ट्री एक हिस्सा ढह गया। आस-पास के लोगों ने बताया कि काफी दूर तक धमाकों से क्षेत्र दहल उठा। सोशल मीडिया पर तेजी से पटाखा फैक्ट्री में धमाकों की खबर फैल गई। कुछ सोशल मीडिया एकाउंट पर बताया गया कि फैक्ट्री में हुए धमाके में दस से अधिक लोग मारे गए हैं। इस तरह फैली खबरों से माहौल पैनिक हो गया। आनन-फानन में पहुंची पुलिस और प्राशनिक टीम ने दुर्घटना की निरीक्षण किया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। शाम सात बजे तक स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से दो लोगों की मौत हो जाने की पुष्टि कर दी गई। आशंका है कि यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
सीरियल धमाकों के बाद फैक्ट्री का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी दीवारें और अस्थाई छत ठह गई। आशंका है कि इस मलबे में भी कुछ मजदूर दबे हुए हो सकते हैं। राहत और बचाव कार्य में लगी टीमें मलबे को हटा रही हैं। ऐसे में आशंका है कि इस दुर्घटना में हताहत होने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। प्रशासन अब इस पर भी जांच कर रहा है कि फैक्ट्री में मानकों के अनुरूप काम हो रहा था या नहीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में मानकों के अनुरूप काम नहीं हो रहा था। यही कारण रहा कि फैक्ट्री में इतना बढ़ा धमाका हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि, दुर्घटना में अभी तक दो लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। राहत बचाव कार्य जारी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
सहारनपुर में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट और धमाकों की यह पहली दुर्घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां इस तरह की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले दिनों देवबंद में पटाखा फैक्ट्री में इसी तरह से धमाकों के बाद आग लग गई थी। उस दौरान भी दो से अधिक मजदूरों के चीथड़े उड़ गए थे। गुस्साए लोगों ने मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाइवे जाम कर दिया था। प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह जाम खुलवाया था। इससे पहले पिछले वर्ष सरसावा थाना क्षेत्र में भी एक पटाखा फैक्ट्री में आग लग गई थी। दो साल पहले गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में आग लग गई थी। अक्सर सहारनपुर में इस तरह की दुर्घटनाएं होती रहती है। दुर्घटनाएं होने पर प्रशासन को मानकों की याद आती है लेकिन फिर इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता और यही कारण है कि आए दिन इस तरह की दुर्घटनाएं यहां हो रही हैं।