
सहारनपुर। वर्ष 2013 से मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे किसानों ने आस्तीनें चढ़ा ली हैं। 29 जून को किसानों ने सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है।
भारतीय किसान यूनियन तोमर गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने सहारनपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के चक्कर लगाते हुए किसान परेशान हो चुके हैं। किसानों को उनके गन्ने की फसल का भुगतान तक नहीं मिला है। वर्ष 2013 से किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है लेकिन किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। ऐसे में अब किसानों के सामने कोई रास्ता नहीं बचा है। अकेले मुजफ्फरनगर में 26 गांव के किसानों की जमीन का रेलवे ने अधिग्रहण किया है और मुआवजे के बदले उन्हें महज रुपये 505 वर्ग मीटर के अनुसार मुआवजा दिया गया है।
मुआवजे की यह रकम किसानों के साथ लूट है। कानूनी रूप से भी किसानों का मुआवजा 2200 रुपए वर्ग मीटर के हिसाब से बनता है लेकिन किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही और यही कारण है कि अब इन सभी गांव के किसानों ने सामूहिक रुप से आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर 29 जून से पहले किसानों की समस्या का समाधान नहीं होता या कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता तो सभी किसान सामूहिक रूप से आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे।
इसके लिए किसान मुजफ्फरनगर जिले के गांव भैंसी में इकट्ठा होंगे। यहीं से किसान अपने हाथों में मिट्टी के तेल की कैन और अपने मांग पत्र लेकर चलेंगे। चेतावनी दी कि किसान सामूहिक रूप से आत्मदाह किया करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह भी कहा कि लॉकडाउन में में किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। पहले से ही किसान को गन्ने की फसल का दाम नहीं मिला है और अब किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। ऐसे में किसानों के सभी तरह के बिजली के बिल और उनका सभी तरह का ऋण भी माफ होना चाहिए। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो किसानों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा।
यह बातें उन्होंने मलहीपुर रोड स्थित जिला उपाध्यक्ष अशोक त्यागी के आवास पर कही। इस मौके पर जिला अध्यक्ष सुखबीर सिंह समेत किसान श्याम सिंह राणा, पवन त्यागी, अजय त्यागी, आशीष शर्मा, शाहनवाज खान रविंद्र चौहान, अनिल राणा, दिव्यांग त्यागी विजेंद्र शर्मा और नवीन त्यागी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।