
शामली। कैराना में प्रचार का आज आखिरी दिन है, विपक्ष जहां एकजुट होकर बीजेपी से उसका गढ़ छिनने की तैयारी में है वहीं बीजेपी के नेता विपक्ष के चक्रव्यूह को तोड़ कर अपना किला बचाने में लगे हैं। एक ओर जहां विपक्ष बीजेपी के लिए मुसिबत बना हुआ है वहीं उनके नेता भी पार्टी के लिए एक-एक कर परेशानी खड़ी कर रहे हैं। दरअसल कैराना उपचुनाव से पहले बीजेपी के एक सांसद मुश्किल में फंस गए हैं। जिनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
गोरखपुर-फूलरपुर हारने के बाद 2019 से पहले यूपी में हो रहा ये उपचुनाव योगी सरकार की नाक का सवाल बना हुआ है। बीजेपी इस चुनाव में किसी भी कीमत पर हार का मुंह नहीं देखना चाहती। इसके लिए पार्टी हर मुमकिन कोशिश में लगी हुई है। जिसके तहत तमाम नेता कैराना में पहुंच कर पार्टी प्रत्याशी मृगांका के लिए वोट मांग रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच खबर है कि बीजेपी राज्यसभा सांसद कांता करदम के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। सांसद पर मंगलवार को अपने भाषण में धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली टिप्पणी करने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर नुकुद थाने के कांता करदम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि कांता करदम ने सहारनपुर जिले के नुकुद शहर में एक चुनावी बैठक के दौरान कथित रूप से धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली टिप्पणी की थीं।
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आपको बता दें कि इससे पहले बिजनौर के नूरपुर में विधानसभा उपचुनाव में बिना अनुमती लिए चुनाव प्रचार करने पर बीजेपी सांसद भारतेंद्र सिंह, सर्वेश कुमार, विधायक सुशांत सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।