रालोद उम्मीवार तबस्सुम हसन करीब 42 हजार वोटों से आगे निकल चुकी हैं
सहारनपुर। कैराना लोकसभा सीट पर अब लगभग स्थिति साफ होती दिख रही है। यह सीट भाजपा के हाथ से निकल सकती है। अब तक की मतगणना में कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव हारने के बाद भाजपा के लिए यह बहुत बड़ा झटका होगा। 14 राउंड तक देखा जाए तो रालोद उम्मीवार या यूं कहें कि महागठबंधन की प्रत्याशी तबस्सुम हसन करीब 42 हजार वोटों से आगे निकल चुकी है। अब केवल पांच राउंड और बचे हैं मतलब भाजपा उम्मीदवार मृगांका सिंह को वापसी करना मुश्किल है।
73 बूथों पर हुआ था पुनर्मतदान
आपको बता दें कि कैराना लोकसभा सीट पर 28 मई को मतदान हुआ था। इसमें कई जगह ईवीएम खराब होने की शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयाेग ने कैराना के 73 बूथों पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया था। 30 मई को सहारनपुर के 68 और शामली के पांच बूथों पर रीपोलिंग हुई थी। इसके बाद गुरुवार को मतगणना शुरू हुई तो रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने बढ़त बना ली। जो कई राउंड बीत जाने के बाद भी कायम रही।
हर राउंड में यह रही स्थिति
पहले राउंड में ही तबस्सुम हसन ने 8146 वोटों से बढ़त बना ली थी। दूसरे राउंड में उन्होंने यह बढ़त ज्यादा कर ली। तीसरे राउंड के बाद तबस्सुम हसन काे 75503 और भाजपा उम्मीवार मृगांका सिंह को 61022 वोट मिले। उधर, पांचवें राउंड की काउंटिंग के बाद भी तबस्सुम हसन की बढ़त बनी रही। इस राउंड में उन्हें 113742 मत मिले जबकि भाजपा उम्मीदवार को 95572 वोट मिले। सातवें राउंड के बाद तबस्सुम हसन 16209 वोटों से भाजपा उम्मीदवार मृगांका सिंह से आगे ही रहीं। नवें राउंड के बाद गठबंधन करीब 26000 वोटों से आगे रहा। 12वें राउंड के बाद भी बढ़त बनी रही और भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह 39882 वोटों से पिछड़ गईं।
जयंत और सपा ने मिलाया हाथ
आपको बता दें कि सपा और रालोद मिलकर यहां से चुनाव मैदान में हैं। जयंत चौधरी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद दोनों ने हाथ मिला लिया था। इनके अलावा तबस्सुम हसन को कांग्रेस, आप व पीस पार्टी के साथ ही भीम आर्मी का भी समर्थन प्राप्त है। तबस्सुम हसन के देवर कंवर हसन ने भी लोकदल से टिकट लेकर गठबंधन उम्मीदवार को समर्थन दे दिया था।