
सहारनपुर। 54 दिन बाद जेल से छूटे विदेशी जमातियों के लिए लंच में बिरयानी और चिकन कोरमा बनवाया गया। अंबाला राेड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में इनके ठहरने का इंतजाम किया गया था। यहीं पर जमातियों ने बड़े चाव से चिकन काेरमा और बिरयानी खाई और कहा कि, कई दिनों बाद पसंद का खाना मिला।
पुलिस ने सहारनपुर ( Saharanpur ) में अलग-अलग जगह पर रह रहे सात देशों से आए ( Tablighi Jamaat ) 57 विदेशी जमातियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को 54 दिन बाद इन सभी विदेशी जमातियों को जेल से रिहाई मिली थी। पुलिस ने इन पर वीजा ( visa ) उल्लंघन के आरोप लगाए थे। 21 अप्रैल को इन सभी जमातियों को जेल भेजा गया था और उसके बाद से वह अस्थाई जेल में रह रहे थे।
9 जून को सहारनपुर पुलिस ने इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। 10 जून को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ( CJM ) की अदालत में इस चार्जशीट पर सुनवाई हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमातियों पर लगाई गई विदेशी अधिनियम की धाराओं को खारिज कर दिया था और महज धारा 188 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए उन्हें एक-एक माह की सजा सुनाई थी। अदालत ने न्यायिक हिरासत में रहने की अवधि को भी सजा की अवधि में जोड़ने के आदेश दिए थे। इस तरह 11 जून को इन सभी की रिहाई के आदेश जारी कर दिए गए।
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शनिवार को इन सभी को जेल से रिहा कर दिया गया। सांसद हाजी फजलुर्रहमान के दामाद औसाफ गुड्डू व अन्य लाेग जमातियों को लेने के लिए जिला जेल पहुंचे और यहां से उन्हें अंबाला रोड स्थित उस बैंक्वेट हॉल ले जाया गया जहां पर इनके ठहरने का इंतजाम किया गया था। यहां विदेशी जमातियों के लिए गरमा-गरम चिकन कोरमा और बिरयानी बनवाई गई थी। 54 दिन जेल में रहने के बाद जब इन विदेशियों ने अपनी मनपसंद बिरयानी खाई दो इनके चेहरों पर खुशी थी और सभी विदेशियों ने पहले अपने परिजनों से फोन पर बात की और उन्हें यह खुशखबरी सुनाई।
बसपा से सहारनपुर सांसद हाजी फजलुर्रहमान के दामाद औसाफ़ गुड्डू और अधिवक्ता जान निसार अहमद ने अदालत में जमातियों की पैरवी की थी। इनका कहना है कि आप सभी को उनके उनके वतन पहुंचाने की भी तैयारी की जा रही है।