सहारनपुर

यूनिवर्सिटी में जिन्ना की फोटो मिलने को बताई मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश, सख्त कार्रवाई की उठाई मांग

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की फोटो मिलने से उलेमा हुए खफ़ा, यूनिवर्सिटी और मुसलमानों को बदनाम करने की बताई साजिश

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सहारनपुर।अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी अक्सर किसी ना किसी मुद्दे को लेकर सुर्खियों में रहती है। कुछ दिनों पहले जहां विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक दर्जे को खत्म किए जाने को लेकर विवाद चल रहा था वहीं अब छात्रसंघ भवन में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो लगने से एक नए विवाद ने जन्म ले लिया है। जो लगातार बढ़ता ही जा रहा है। विश्वविद्यालय में जिन्ना की फोटो लगाए जाने पर बीजेपी सासंद सतीश गौतम ने विश्वविद्यालय कुलपति को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।

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मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश

जिन्ना का जिन्न जब-जब बाहर आता है तब-तब विवाद बढ़ना तो लाजमी है। छात्र संघ हाल में पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो मिलने से देवबंदी उलेमा भी नाराज हो गए हैं और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तक की मांग कर दी है। देवबंदी के उलेमा मुफ्ती अथर कासमी ने इसे किसी की साजिश करार दिया और कहा कि यूनिवर्सिटी और मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। भारत का मुसलमान अपने देश से प्यार करता है यहीं पैदा हुआ है ओर यही की मिट्टी मे दफन होगा। भारत के मुसलमानों के दिल में जिन्ना के लिए कोई जगह या हमदर्दी नहीं है।


जिन्ना ने किए देश के टुकड़े

मुफ्ती अथर का कहना है कि अगर ये बात हकीकत है कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर मिली है तो ये सरासर गलत है। उनका कहना है कि मोहम्मद अली जिन्ना ने जिस वक्त मुल्क के बंटवारे को पसंद किया और एक देश को दो टुकड़ों में बांट दिया उस वक्त खुद जमीयत के उलेमाओं ने उनके इस फैसले को नापसंद किया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान की मोहब्बत हमारी रग रग में भरी हुई है फिर हम ऐसे लोगों की तस्वीर लगाएं ये हमारे लिए अच्छा नहीं है जो इस काम को कर रहे हैं उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

बीजेपी सासंद ने विश्वविद्यालय से मांगा जवाब

आपको बता दें कि एएमयू के एक हॉल में जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है। इस बात की जानकारी जैसे ही बीजेपी सासंद को हुई उन्होंने तुरंत यूनिवर्सिटी को पत्र जारी कर जवाब मांगा। हालाकि पूरे मामले पर एएमयू प्रशासन का कहना है कि एएमयू स्टूडेंट यूनियन एक स्वतंत्र संस्था है। जिसपर एएमयूू प्रशासन से डायरेक्ट नियंत्रण नहीं होता।

Published on:
02 May 2018 11:08 am