सम्भल

एक साथ गांव पहुंचे पांच शव, श्मशान में बदला गांव, सीएम और पीएम राहत कोष से आर्थिक सहायता की घोषणा

Sambhal News Today: संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र के हरगोविंदपुर गांव में बारात लेकर निकले आठ युवकों की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जब पांच शव एक साथ गांव पहुंचे तो मातम पसर गया।

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Jul 06, 2025
एक साथ गांव पहुंचे पांच शव, श्मशान में बदला गांव | AI Generated Image

Five bodies reached village together in sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र के हरगोविंदपुर गांव में शनिवार को उस वक्त कोहराम मच गया जब एक सड़क हादसे में मारे गए पांच युवकों के शव गांव पहुंचे। शुक्रवार को बारात लेकर निकले आठ युवक एक भीषण हादसे का शिकार हो गए थे, जिसमें मौके पर ही पांच और इलाज के दौरान तीन अन्य की मौत हो गई।

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तेज रफ्तार कार बनी काल, दीवार से टकरा पलटी

जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी 20 वर्षीय सूरज की बारात सिरसौल (बिल्सी) के लिए शुक्रवार शाम रवाना हुई थी। लेकिन जुनावई कस्बे के पास जनता इंटर कॉलेज के सामने तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर दीवार से टकरा गई और पलट गई। हादसा इतना भयानक था कि पांच युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

श्मशान में बदला हरगोविंदपुर गांव, गूंजी चीख-पुकार

शनिवार को जब एक साथ पांच शव गांव पहुंचे तो हर गली में मातम और हर घर में सन्नाटा पसरा था। जिन गलियों में एक दिन पहले ढोलक की थाप सुनाई दे रही थी, वहां अब सिर्फ करुण विलाप गूंज रहा था। महिलाएं मेंहदी लगे हाथों से छाती पीट रही थीं। लोग कह रहे थे – "खुशियों की बारात भेजी थी, लाशों की कतार लौटी है…"

"मेरा सूरज सेहरा पहनकर गया था… अब कफन ओढ़कर क्यों लौटा?"

दूल्हे सूरज की मां का करुण विलाप सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। वहीं उसके पिता बेटे और बेटी की अर्थी देखकर बार-बार बेहोश हो रहे थे। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। अब परिवार में सिर्फ एक बेटा बचा है।

सीएम और पीएम राहत कोष से आर्थिक सहायता की घोषणा

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि मृतकों में से तीन सूरज, रवि और आशा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के पात्र हैं, जिनके परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

साथ ही, मृतक रवि के परिवार को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और सभी आठ मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एसडीएम ने गांव पहुंचकर जताया दुख, दिया मदद का भरोसा

गुन्नौर की उपजिलाधिकारी वंदना मिश्रा शनिवार को गांव पहुंचीं और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ हैं और हरसंभव मदद की जाएगी।

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