Sambhal News: संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बंगाल में ममता बनर्जी का समर्थन किया और विपक्षी वोट बंटने से रोकने की अपील की। उन्होंने भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए विपक्षी एकता जरूरी बताया।
Sambhal MP Bark Supports Mamata: संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
सोमवार को संभल के दीपा सराय स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए बर्क ने साफ कहा कि विपक्षी दलों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा, क्योंकि वोटों का बंटवारा सीधे तौर पर भाजपा को फायदा पहुंचाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में रणनीतिक एकता ही विपक्ष की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
बर्क ने अपने बयान में भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में शासन व्यवस्था कमजोर हुई है और आम जनता के अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है, जबकि संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। उनके मुताबिक, इन परिस्थितियों में विपक्ष का मजबूत और संगठित होना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
सांसद बर्क ने कहा कि वर्तमान समय में ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करना ही विपक्ष की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं, तो उनका वोट बंट जाता है, जिसका सीधा लाभ भाजपा को मिलता है। बर्क ने स्पष्ट किया कि अगर विपक्ष एकजुट होकर रणनीति बनाए, तो भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सकती है।
पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए बर्क ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी राज्य में जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं और उनकी जीत लोकतांत्रिक संतुलन के लिए आवश्यक है। बर्क के अनुसार, इस समय बंगाल में ममता बनर्जी का मजबूत होना न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अहम साबित हो सकता है।
बर्क ने कहा कि देश में बढ़ती सांप्रदायिक राजनीति को रोकने के लिए विपक्ष का एक मंच पर आना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए वोटों का बंटवारा हर हाल में रोकना होगा। उनके अनुसार, यह सिर्फ राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का सवाल है।
बर्क ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अकेले चुनाव लड़ना वर्तमान परिस्थितियों में सही रणनीति नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि इस समय प्राथमिकता ममता बनर्जी को मजबूत करने की होनी चाहिए, ताकि विपक्ष एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला कर सके।